आगरालीक्स… बसपा को अपने ही गढ में बडा झटका लगा है, पूर्व ऊर्जा मंत्री रामवीर उपाध्याय के भाई सपा से जिला पंचायत अध्यक्ष का चुनाव हार गए हैं, आगरा में भी जिला पंचायत अध्यक्ष पद को लेकर चर्चाएं गर्म हैं।
सपा सरकार में हाथरस से जिला पंचायत अध्यक्ष बसपा के पूर्व ऊर्जा मंत्री रामवीर उपाध्याय के भाई विनोद उपाध्याय थे, तीन महीने पहले उनके खिलाफ अविश्वास प्रस्ताव आया था। ऐसे में मंगलवार को हाथरस जिला पंचायत अध्यक्ष पद के लिए भाजपा के प्रत्याशी के मैदान में न होने पर सपा से ओमवती और बसपा से रामवीर उपाध्याय के भाई रामेश्वर उपाध्याय थे। इन दोनों के बीच वर्चस्व की लडाई थी, पूर्व ऊर्जा मंत्री रामवीर उपाध्याय भी पूरी दम से लगे हुए थे, वे वर्तमान में सादाबाद से विधायक भी हैं।
एक वोट से जीत गईं ओमवती
कडी सुरक्षा के बीच मंगलवार को हाथरस में जिला पंचायत अध्यक्ष पद के लिए चुनाव हुए, कुद
जिला पंचायत सदस्यों ने अपने मत का इस्तेमाल किया। इसमें सपा प्रत्याशी ओमवती को 13 वोट मिले, जबकि बसपा के रामेश्वर उपाध्याय को 12 वोट मिले, इस तरह एक वोट से बसपा के रामेश्वर उपाध्याय जिला पंचायत अध्यक्ष का चुनाव हार गए। हाथरस में कई सालों से बसपा के पास जिला पंचायत अध्यक्ष की सीट थी और पूर्व ऊर्जा मंत्री रामवीर उपाध्याय के परिजन ही अध्यक्ष रहे हैं, इस हार से बडा झटका लगा है।
आगरा में भी अध्यक्ष पद की कुर्सी बनी हॉट केक
आगरा में सपा की कुशल यादव जिला पंचायत अध्यक्ष हैं, वे जिला पंचायत के सदस्य सबसे ज्यादा बसपा के हैं, लेकिन बसपा ने अध्यक्ष पद के लिए दावेदारी नहीं की थी, भाजपा की तरफ से अध्यक्ष पद के लिए सांसद चौधरी बाबूलाल के बेटे राकेश चौधरी चुनाव लडे थे लेकिन वे हार गए। प्रदेश में भाजपा सरकार आने के बाद यहां भी अध्यक्ष पद की सीट हॉट केक बन गई है।