आगरालीक्स…कश्मीर से वापस आ रहे टूरिस्ट. टूरिस्ट डेस्टिनेशन ही नहीं वैष्णोदेवी और अमरनाथ यात्रा तक के प्लान कैंसिल, हिमाचल प्रदेश की टूरिस्ट इंडस्ट्री पर भी पड़ा असर…
पहलगाम में पर्यटकों पर हुए आतंकवादी हमले का असर पहाड़ों के पर्यटन पर साफ दिखाई देने लगा है. पहलगाम की बायसरन घाटी में 27 पर्यटकों को नाम और धर्म पूछकर गोली मार दी गई है. पर्यटकों पर हुए इस हमले का असर जम्मू कश्मीर और हिमाचल प्रदेश की टूरिज्म को खासा पड़ा है. हमले के 24 घंटे के अंदर ही कश्मीर की 90 प्रतिशत तक बुकिंग कैंसिल हो गईं, इसके अलावा जो पर्यटक कश्मीर गए हुए थे वो भी वापस लौटने लगे हैं. कुछ पर्यटक हैं तो वो होटलों में ही हैं और जल्द से जल्द अपने राज्य और अपने घर पहुंचने की जद्दोजहद में लगे हुए हैं.अमरनाथ यात्रा और वैष्णोदेवी पर भी असर
अप्रैल से लेकर जून तक तीन महीने में कश्मीर में पर्यटकों की खासी भीड़ रहती है. लोग वैष्णो देवी भी जाते हैं. इसके अलावा 3 मई से अमरनाथ यात्रा भी शुरू हो रही है लेकिन पहलगाम में हुए आतंकी हमले का असर धार्मिक यात्राओं पर भी देखने को मिला है. जो लोग वैष्णोदेवी या अमरनाथ यात्रा पर जाने की चाह रख रहे थे उन्होंने भी अपने प्लान कैंसिल कर दिए हैं.
हिमाचल की टूरिज्म इंडस्ट्री भी हुई प्रभावित
आतंकी हमले का असर सिर्फ जम्मू और कश्मीर में ही नहीं बल्कि हिमाचल प्रदेश पर भी पड़ा है. भारी संख्या में लोग गर्मियों में शिमला, मनाली कुल्लू आदि स्थानों पर घूमने के लिए जाते हैं लेकिन आतंकी हमले ने उनको इन स्थानों पर भी जाने से रोक दिया है. अब लोग हिमाचल प्रदेश के टूरिस्ट डेस्टिनेशन में भी जाने से कतरा रहे हैं और अपने प्लान को बदल रहे हैं.
इधर आतंकी हमले के बाद घाटी से पर्यटक जा चुके हैं, दो दिन पहले तक जहां कश्मीर पर्यटकों से गुलजार हो रही थी वो अब खाली खाली दिखने लगा है. ऐसे में कश्मीरी टूरिज्म से जुड़े लोगों का भी कहना है कि अगर पर्यटक नहीं आए तो हम सब बर्बाद हो जाएंगे. साल में अप्रैल से लेकर जून तक पर्यटकों का सीजन होता है लेकिन आतंकी हमले ने इसको खराब कर दिया है.