आगरालीक्स…आगरा के उजाला सिग्नस रेनबो हॉस्पिटल में की गई मॉकड्रिल. रात 8 बजे लाइट आफ की. डॉक्टर नरेंद्र मल्होत्रा बोले—हमले की स्थिति में किसी भी हालात से निपटने के लिए हॉस्पिटल तैयार
उजाला सिग्नस रेनबो हॉस्पिटल में बुधवार को मॉकड्रिल की गई। इस दौरान रात 8 बजे लाइट ऑफ कर दी गई। खिड़की दरवाजे पूरी तरह पर्दे से ढक दिए गए। युद्ध की स्थिति में किसी हर तरह के हालात से निपटने के लिए अस्पताल को तैयार कर लिया गया है। चार इमरजेंसी टीमें गठित की गई हैं। रात को जैसे ही मॉकड्रिल का सायरन बजा, अस्पताल की लाइटें बंद कर दी गईं। खिड़की और दरवाजों को काले पर्दे से पूरी तरह ढक दिया गया। आईसीयू में फोकस और डिम लाइट का उपयोग किया गया। इस दौरान चिकित्सालय में अपने इमरजेंसी साउंड सिस्टम से सायरन भी बजाया गया। उजाला सिग्नस रेनबो हॉस्पिटल के एमडी डॉक्टर नरेंद्र मल्होत्रा और लेफ्टिनेंट कर्नल डॉक्टर आईपी सिंह ने सभी कर्मचारियों को ऑडिटोरियम में प्रोजेक्टर के माध्यम से आपात स्थिति से निपटने की जानकारी दी।
महाप्रबंधक राकेश आहूजा ने बताया कि हमले के दौरान हालात से निपटने के लिए चार क्यूआरएमटी ( क्विक रिस्पांस मेडिकल टीम) गठित की गई हैं। प्रत्येक टीम में एक चिकित्सक, दो पैरामेडिकल, दो सहायक स्टाफ होंगे। यह टीमें 24 घंटे अस्पताल में कार्यरत रहेंगी। इसके अलावा 2 एएलएस, 2 बीएलएस एंबुलेंस तैयार की गई हैं। चिकित्सालय ने आपात स्थिति के लिए एक इमरजेंसी नंबर 9897099333 जारी किया है।
इस टीम का प्रभारी राकेश आहूजा और लेफ्टिनेंट कर्नल डॉक्टर आईपी सिंह को बनाया गया है। हमले की स्थिति में मरीजों की देखभाल के लिए बेसमेंट को वार्ड के रूप में परिवर्तित किया जाएगा। इसके लिए दो विशेष मेडिकल टीमें गठित की गई हैं। इनकी जिम्मेदारी कहीं पर भी हमला होने पर मरीजों को अस्पताल में पहुंचाने की होगी। डॉक्टर इंदरपाल सिंह ने बताया कि ऐसी स्थिति में खिड़की और दरवाजों को एयरप्रूफ किया जाता है, ताकि बाहर की खतरनाक हवा अंदर न जाए। अपने यहां इसकी भी तैयारी कर ली गई है।