आगरालीक्स…आगरा में द्वादश ज्योतिर्लिंगों से आए जल कलशों का पूजन और सवा लाख शिवलिंग निर्माण का संकल्प, श्री महाकालेश्वर मंदिर से 14 जुलाई को निकलेगी भव्य शिव बारात
दयालबाग स्थित श्री महाकालेश्वर मंदिर में सावन महोत्सव समिति द्वारा आयोजित श्री शिव महापुराण कथा एवं महा रुद्राभिषेक महोत्सव के द्वितीय दिवस पर यमुना तट भक्ति, वैदिक ऊर्जा और आध्यात्मिक अनुभूति से सराबोर रहा। दिन की शुरुआत महा रुद्राभिषेक से हुई, जिसमें 153 श्रद्धालु जोड़ों ने 153 आचार्यों के वेद मंत्रों के साथ भगवान शिव का पूजन किया। द्वादश ज्योतिर्लिंगों से लाए गए पवित्र जल कलशों का विशेष पूजन भी इसी क्रम में सम्पन्न हुआ। सोमनाथ, केदारनाथ, महाकालेश्वर, रामेश्वरम्, वैद्यनाथ, त्र्यंबकेश्वर, मल्लिकार्जुन, नागेश्वर, ओंकारेश्वर, घृष्णेश्वर, विश्वनाथ और भीमाशंकर से मंगाए गए पावन जल कलशों को मंत्रोच्चार के साथ पूजा गया। कलशों की आस्था और आह्वान से वातावरण शिवमय हो उठा।इसके उपरांत पार्थिव शिवलिंग निर्माण की प्रक्रिया प्रारंभ हुई, जहां श्रद्धालुओं ने शिव नाम के जप के साथ मिट्टी से शिवलिंग बनाकर जल, बिल्व पत्र और पुष्प अर्पित किए। सवा लाख शिवलिंग निर्माण का संकल्प इस महोत्सव को अद्वितीय बना रहा है। सायं काल शिव महापुराण कथा का आरंभ हुआ, जिसे आचार्य मृदुलकांत शास्त्री ने भावविभोर शैली में प्रस्तुत किया। उन्होंने दक्ष-यज्ञ, सती की आत्माहुति और शिव के विरह प्रसंग का वर्णन करते हुए कहा कि शिव केवल संहार नहीं, समर्पण हैं। जिनका त्याग भी तपस्व है और प्रेम भी परम है। जो संसार को त्यागकर समाधि में लीन हुए, वे भी भक्तों की पुकार पर तांडव करते उतर आते हैं।
मंदिर परिसर में विराजमान 11 फीट ऊँचे रुद्राक्ष शिवलिंग और मानसरोवर झील की झांकी अब श्रद्धालुओं की आस्था के केंद्र बन चुके हैं। दर्शन के लिए लंबी कतारें लगी हैं और शिव नाम से गुंजायमान वातावरण भक्ति की चरम सीमा को छू रहा है।
आचार्य सुनील वशिष्ठ, पवन शर्मा, सुनील शर्मा, अजय पांडे, अरविंद द्विवेदी, शुभम द्विवेदी, रामचरण शर्मा, सरिता तिवारी, नीलू पांडे, रमेश शुक्ला, सुभाष गिरी आदिव्यवस्था संभाल रहे हैं।
14 जुलाई: भव्य शिव बारात निकाली जाएगी जिसमें शिव तांडव, नृत्यमयी झांकियां, भजन मंडलियां और नासिक बैंड प्रमुख आकर्षण होंगे।