आगरालीक्स…चंबल नदी का फिर बढ़ा जलस्तर. तटवर्ती 38 गांवों में अलर्ट की मुनादी. चेतावनी के निशान से इतने मीटर दूर है जलस्तार
राजस्थान में लगातार हो रही बारिश की बजह से बाह में चंबल नदी उफान पर है। शनिवार को चंबल नदी का जलस्तर 117 मीटर से बढ़ कर 121 मीटर हो गया था। लगातार दूसरे दिन रविवार को उफान जारी रहा, नदी का जलस्तर 122.60 मीटर पर पहुंच गया है। बाह में चेतावनी का निशान 127 मीटर पर एवं खतरे का निशान 130 मीटर पर है। चेतावनी के निशान की ओर चढ़ रही चंबल नदी के कैंजरा घाट पर प्रशासन ने मोटरबोट का संचालन बंद करा दिया है। बचाव और राहत के लिए 8 बाढ़ चौकियां बनाई हैं। तटवर्तीय 38 गांवों में मुनादी करा कर चंबल नदी क्षेत्र में न जाने की चेतावनी जारी की है।कोटा बैराज से एक सप्ताह पहले छोड़े गये 2 लाख क्यूसेक पानी के चलते उफनाई चंबल नदी का जलस्तर 121.80 मीटर हो गया था। शुक्रवार को चंबल नदी का जलस्तर घट कर 117 मीटर रह गया था। शनिवार और रविवार दो दिन में 5.60 मीटर की जलवृद्धि के साथ नदी का जलस्तर 122.60 मीटर हो गया है। जिससे नदी के कछार में तिल और बाजरा की फसलें डूब गई हैं। भगवानपुरा के प्रधान बच्छराज सिंह, मऊ के प्रधान उदयभान सिंह, सिमराई के प्रधान जयवीर सिंह ने बताया कि फसलें नष्ट होने के अंदेशे से किसान चिंतित हैं। खादरों में उफान का पानी भर गया है। पंचायत और राजस्व विभाग ने तटवर्तीय 38 गांवों में मुनादी करा कर नदी क्षेत्र से दूरी बनाए रखने की हिदायत दी है।
बीहड़ में पशु भी न ले जाने को सतर्क किया है। उफान प्रभावित क्षेत्रों का दौरा करने के बाद बाह के एसडीएम हेमंत कुमार ने बताया कि बचाव और राहत के लिए 8 बाढ़ चौकियां मंसुखपुरा, पिनाहट, उमरैठा, बासौनी, सिमराई, पुरा भगवान, खेडा राठौर, नंदगवां में बनाई हैं। राजस्व लेखपालों को गांवों में सतर्क रहने को कहा गया है। नदी के जलस्तर पर 24 घंटे नजर रखी जा रही है। आबादी क्षेत्र में पानी पहुंचने की स्थिति को लेकर एतिहातन पंचायत, विकास, पशुपालन, चिकित्सा विभाग को अलर्ट मोड पर रखा गया है।