आगरालीक्स…आगरा सहित यूपी के सभी विश्वविद्यालयों में सूचना एवं पुस्तकालय नेटवर्क सेवाओं के क्रियान्वयन हेतु ऐतिहासिक समझौता. राज्यपाल को तीन वैश्विक कीर्तिमानों पर सम्मान, विश्वविद्यालय की कुलपति प्रो. आशु रानी ने दी बधाई
किंग जॉर्ज चिकित्सा विश्वविद्यालय, लखनऊ में आज एक ऐतिहासिक एवं प्रेरणादायक कार्यक्रम के अंतर्गत उत्तर प्रदेश के समस्त राज्य विश्वविद्यालयों/संस्थानों में सूचना एवं पुस्तकालय नेटवर्क केन्द्र की सेवाओं के क्रियान्वयन हेतु 38 समझौता ज्ञापनों (MoUs) पर हस्ताक्षर संपन्न हुए। कार्यक्रम की अध्यक्षता प्रदेश की राज्यपाल एवं राज्य विश्वविद्यालयों की कुलाधिपति श्रीमती आनंदीबेन पटेल जी द्वारा की गई।इस अवसर पर डॉ. भीमराव आंबेडकर विश्वविद्यालय, आगरा की ओर से विश्वविद्यालय की कुलपति प्रो. आशु रानी ने इस पहल का अभिनंदन करते हुए कुलाधिपति के दूरदर्शी, शोध-समर्पित एवं नवाचार प्रेरक नेतृत्व को कोटिशः धन्यवाद प्रेषित किया। उन्होंने कहा कि इस समझौता ज्ञापन से राज्य के विश्वविद्यालयों में डिजिटल पुस्तकालयों और शोध संसाधनों की संरचना और सशक्त होगी, जिससे गुणवत्तापूर्ण अध्ययन सामग्री विद्यार्थियों, शोधार्थियों एवं शिक्षकों को सहज सुलभ हो सकेगी।
समझौता ज्ञापन (MoU) की प्रमुख विशेषताएँ:विश्वविद्यालयों को डिजिटल पुस्तकालय एवं शोध डेटा नेटवर्क से जोड़ना।
उच्च गुणवत्ता की शोध-पत्रिकाओं, डेटाबेस, ई-बुक्स आदि तक निःशुल्क या सुलभ पहुँच।
शोध प्रबंधन, डेटा विश्लेषण और प्रकाशनों की वैश्विक दृश्यता में वृद्धि।
शैक्षणिक और प्रशासनिक कार्यों में सूचना प्रौद्योगिकी का कुशल एकीकरण।
शोधार्थियों एवं संकाय के लिए प्रशिक्षण और तकनीकी सहयोग।
कार्यक्रम के दौरान आनंदीबेन पटेल जी को तीन अंतरराष्ट्रीय कीर्तिमानों के लिए प्रमाणपत्र एवं मेडल से सम्मानित किया गया। ये कीर्तिमान उनकी प्रेरणा से आयोजित ऐतिहासिक सामूहिक अभियानों –
- अंतरराष्ट्रीय योग दिवस पर 14,02,597 प्रतिभागियों द्वारा एक साथ सूर्य नमस्कार
- 15,77,960 नागरिकों द्वारा "पढ़े विश्वविद्यालय-बढ़े विश्वविद्यालय" अभियान के तहत सामूहिक पठन
- 16,05,847 प्रतिभागियों द्वारा "दहेज मुक्त भारत" एवं "नशा मुक्त भारत" का सामूहिक संकल्प – के माध्यम से स्थापित किए गए हैं।
कुलपति प्रो. आशु रानी ने कहा कि यह विश्वविद्यालय समुदाय के लिए गर्व का विषय है कि हमारी कुलाधिपति न केवल उच्च शिक्षा की संरचना को नव दृष्टि प्रदान कर रही हैं, बल्कि वैश्विक स्तर पर उत्तर प्रदेश को गौरवान्वित कर रही हैं।
अपने संबोधन में राज्यपाल ने कहा कि आज के युग में सूचना की सहज उपलब्धता, डिजिटल संसाधनों की सुलभता तथा व्यवहारिक एवं समाजोपयोगी शोध अत्यंत आवश्यक हो गया है। उन्होंने उच्च शिक्षा संस्थानों को किसान, महिलाएं, स्वास्थ्य, ग्रामीण विकास, रक्षा एवं बच्चों से जुड़ी वास्तविक समस्याओं की पहचान कर समाधान खोजने हेतु गहन अनुसंधान पर बल दिया।
इस अवसर पर Launch of Dashboard @ University of Uttar Pradesh, Rajbhawan, Lucknow का शुभारंभ भी राज्यपाल द्वारा किया गया। कार्यक्रम में सूचना एवं पुस्तकालय नेटवर्क केन्द्र, गांधीनगर की निदेशक प्रो. देविका पी. मादल्ली एवं वरिष्ठ वैज्ञानिक प्रो. अभिषेक कुमार द्वारा प्रस्तुतिकरण दिया गया, जिसमें उन्होंने बताया कि यह प्रणाली शोध प्रकाशनों की पहुंच बढ़ाने, शोध प्रबंधन में दक्षता लाने तथा अंतरराष्ट्रीय स्तर पर पहचान दिलाने में सहायक सिद्ध होगी। विश्वविद्यालयों के प्रतिनिधियों द्वारा पूछे गए प्रश्नों का उन्होंने व्यावहारिक समाधान भी प्रस्तुत किया।
कार्यक्रम का संचालन विशेष कार्याधिकारी शिक्षा डॉ. पंकज एल. जानी द्वारा किया गया, जिन्होंने कहा कि राज्यपाल जी की प्रेरणा और मार्गदर्शन में यह समूचा प्रयास एक नव युग की ओर संकेत करता है। इस महत्वपूर्ण अवसर पर डॉ. भीमराव आंबेडकर विश्वविद्यालय, आगरा के कुलसचिव अजय मिश्रा की ओर से राज्यपाल एवं कुलाधिपति आनंदीबेन पटेल को इस महत्त्वपूर्ण पहल एवं प्रेरक उपलब्धियों हेतु हार्दिक धन्यवाद एवं अभिनंदन प्रदान किया गया. आईक्यूएसी निदेशक प्रो. संजय चौधरी तथा लाइब्रेरी प्रभारी प्रोफेसर मोहम्मद अरशद भी ससम्मान उपस्थित रहे, जिन्होंने विश्वविद्यालय की ओर से विचार-विमर्श और भागीदारी में सक्रिय भूमिका निभाई। इस आयोजन में सभी राज्य विश्वविद्यालयों के कुलपति/निदेशक, कुलसचिव, पुस्तकालयाध्यक्ष, आईक्यूएसी समन्वयक, शोध निदेशक, तकनीकी अधिकारी, विद्यार्थी एवं अन्य गणमान्यजन उपस्थित रहे।