मथुरालीक्स…श्रीबांके बिहारी मंदिर के चढ़ावे और संपत्ति के लिए बनेगा न्यास का गठन. जानिए क्या होंगे अधिकार और कौन—कौन होगा इसमें शामिल
वृंदावन के ठाकुर श्री बांकेबिहारी मंदिर के चढ़ावे और संपत्ति के लिए न्यास का गठन किया जाएगा. यह न्यास प्रशासन से जुड़ी सभी जिम्मेदारियां भी संभालेगा. बुधवार को बांके बिहारी मंदिर निर्माण आर्डिनेंस को इसकी मंजूरी दे दी गई है.जानिए क्या होगा न्यास के अधिकार में
अध्यादेश में मंदिर के चढ़ावे, दान और सभी चल—अचल संपत्तियों पर न्यास का अधिकार होगा. मंदिर में स्थापित मूर्तियां, मंदिर परिसर और प्रसीमा के भीतर देवताओं के लिए दी गई उपहार, भेंट, किसी भी पूजा सेवा कर्मकांड समारोह व धार्मिक अनुष्ठान के समर्थन में दी गई संपत्ति, नकद या वस्तु रूपी अर्पण तथा मंदिर परिसर के उपयोग के लिए डाक/तार से भेजे गए बैंक ड्राफ्ट और चेक तक शामिल हैं. सभी चल और अचल संपत्तियों में आभूषण, अनुदान, योगदान, हुंडी संग्रह शामिल मानी जाएंगी.
जारी रहेंगे प्राचीन रीति रिवाज, त्योहार व समारोह
सरकार ने यह भी स्पष्ट किया है कि न्यास का गठन स्वामी हरिदास की परंपरा काो आगे बढ़ाने के लिए किया गया है. स्वामी हरिदास के समय से चली आ रही रीति रिवाज, त्योहार, समारोह और अनुष्ठान बिना किसी हस्तक्षेप और परिवर्तन के जारी रहेंगे. न्यास दर्शन का समय तय करेगा, पुजारियों की नियुक्ति करेगा और वेतन, भत्ते निर्धारित करेगा. इसके साथ ही भक्तों ओर आगुंतकों की सुरक्षा और मंदिर के प्रभावी प्रशासन और प्रबंधन की जिम्मेदारी भी न्यास पर होगी.
न्यास में 11 मनोनीत और 7 पदेन सदस्य होंगे.
मनोनीत सदस्यों में वैष्णव परपंराओं/संप्रदायों/पीठों से तीन प्रतिष्ठित सदस्य होंगे. इनमें साधु—संत, मुनि, गुरु, विद्वान, मठाधीश, महंत, आचार्य स्वामी सम्मिलित हो सकते हैं.
सनातन धर्म की परपंराओं/संप्रदायों/पीठों से 3 सदस्य
सनातन धर्म की किसी भी शाखा/संप्रदाय से तीन सदस्य
गोस्वामी परंपरा से 2 सदस्य—इनमें स्वामी हरिदास जी के वंशज एक राज भोग सेवादारों और दूसरा शयन भोग सेवादारों का प्रतिनिधि
सभी मनोनीत सदस्य सनातनी हिंदू होंगे उनका कार्यकाल तीन वर्ष का होगा.
पदेन सदस्य में मथुरा के डीएम, एसएसपी, नगर आयुक्त, उत्तर प्रदेश ब्रज तीर्थ क्षेत्र विकास परिषद के सीईओ और राज्य सरकार का नामित प्रतिनिधि शामिल होगा. यदि कोई पदेन सदस्य सनातन धर्म को नहीं मानने वाला या गैर हिंदू हुआ तो उसकी जगह उससे कनिष्ठ अधिकारी को नामित किया जाएगा.