आगरालीक्स…आगरा के डॉ. भीमराव अंबेडकर विश्वविद्यालय के लिए बड़ी व ऐतिहासिक उपलब्धि. NIRF 2025 में मिला 58वाँ स्थान
डॉ. भीमराव अंबेडकर विश्वविद्यालय, आगरा ने एक नई पहचान बनाई है। राष्ट्रीय संस्थागत रैंकिंग ढाँचा (NIRF) 2025 की सूची में विश्वविद्यालय को राज्य विश्वविद्यालयों की श्रेणी में 58वाँ स्थान प्राप्त हुआ है। यह उपलब्धि विश्वविद्यालय के लिए गौरव का विषय है और शिक्षा, अनुसंधान तथा सामाजिक विकास के क्षेत्र में इसकी उत्कृष्टता का प्रमाण है। प्रो. मनु प्रताप सिंह, डीन अकादमिक ने बताया कि “NIRF रैंकिंग चार प्रमुख पैरामीटर पर आधारित है। पहला है शिक्षण, अध्ययन और संसाधन (Teaching, Learning and Resources), जिसमें फैकल्टी-स्टूडेंट अनुपात, डॉक्टोरल छात्र संख्या और वित्तीय संसाधनों के उपयोग को शामिल किया जाता है। इस पैरामीटर में हमें 55 अंक प्राप्त हुए। दूसरा पैरामीटर है शोध और व्यावसायिक प्रथा (Research and Professional Practice), जिसमें विश्वविद्यालय को 2.54 अंक प्राप्त हुए। तीसरा पैरामीटर शिक्षा और परिणाम (Graduation Outcome) है, जिसमें हमें 63.29 अंक मिले। चौथा पैरामीटर समावेशन और आउटरीच (Outreach and Inclusivity) है, जिसमें हमें 48 अंक मिले। इन सभी का कुल मिलाकर विश्वविद्यालय का स्कोर 35.30 रहा।”उन्होंने आगे कहा कि “हमारी NIRF कार्यदल (टीम) बहुत छोटी रही, लेकिन अत्यंत मज़बूत और समर्पित थी। इस टीम में डॉ. प्रतिभा रश्मि और डॉ. राजेश लावानिया के अथक प्रयास और मेहनत ने ही यह संभव बनाया साथ ही IQAC विभाग का भी सहयोग सराहनीय रहा जिससे कि विश्वविद्यालय को यह महत्वपूर्ण स्थान प्राप्त हो सका।” प्रो. संजय चौधरी, IQAC निदेशक ने कहा कि “यह हमारे विश्वविद्यालय के लिए ऐतिहासिक उपलब्धि है। अब तक हमारे विश्वविद्यालय को NIRF में शामिल नहीं किया जाता था, लेकिन इस वर्ष पूरे विश्वविद्यालय परिवार के संयुक्त प्रयास से यह संभव हुआ है। हमारी फैकल्टी, छात्र और प्रशासनिक टीम ने मिलकर जिस समर्पण से कार्य किया है, उसी का परिणाम है कि हम 58वें स्थान पर पहुँचे हैं। यह हम सबके लिए गर्व का क्षण है और हमें प्रेरित करता है कि आने वाले समय में हम और भी बेहतर प्रदर्शन करें।
कुलपति प्रो. आशु रानी ने कहा कि “NIRF रैंकिंग में विश्वविद्यालय का स्थान प्राप्त करना हमारे लिए गर्व का विषय है। यह हमारे लिए केवल सम्मान नहीं बल्कि ज़िम्मेदारी भी है कि हम शिक्षा, अनुसंधान और सामाजिक उत्थान के क्षेत्र में और बेहतर योगदान दें। मुझे विश्वास है कि आने वाले वर्षों में विश्वविद्यालय और भी ऊँचाइयाँ छुएगा. यह सार्थक हो पाया राज्यपाल एवं कुलाधिपति आनंदीबेन पटेल के आगरा विश्वविद्यालय पर अटल विश्वास और लगातार उचित मार्गदर्शन से ही.रजिस्ट्रार अजय मिश्रा ने कहा कि यह सफलता पूरे विश्वविद्यालय परिवार की है। शिक्षकों, शोधार्थियों, कर्मचारियों और अधिकारियों ने मिलकर विश्वविद्यालय की प्रगति में अपना योगदान दिया है। इस गौरव का श्रेय महामहिम राज्यपाल एवं कुलाधिपति आनंदीबेन पटेल और विश्वविद्यालय की कुलपति प्रो. आशु रानी के मार्गदर्शन और दूरदर्शिता को भी जाता है। उनकी प्रेरणा और नेतृत्व ने ही इस उपलब्धि को संभव बनाया है।