आगरालीक्स…आपका बच्चा कैसा व्यवहार कर रहा है, कहीं वो तनाव में तो नहीं…परीक्षा, कॅरियर, प्रेम जैसी मनोदशाएं लाती हैं ये बदलाव. आगरा में डॉक्टरों ने बच्चों में भावनात्मक और व्यावहारिक विकारों के निदान पर की चर्चा
नेशनल साइकोलॉजिकल कॉरपोरेशन और हर प्रसाद व्यवहार अध्ययन संस्थान, आगरा के बैनर तले मानसिक स्वास्थ्य संस्थान एवं चिकित्सालय के सहयोग से मानसिक स्वास्थ्य संस्थान के फैकल्टी ब्लॉक में सोमवार को 'बच्चों में भावनात्मक और व्यावहारिक विकार: पहचान और प्रबंधन' विषय पर नेशनल कांफ्रेंस आयोजित की गई। नेशनल इंस्टिट्यूट ऑफ़ मेंटल हेल्थ एंड न्यूरोसाइंसेज बैंगलोर के प्रो. (डॉ.) एम. थॉमस किशोर और डॉ. जॉन विजय सागर कोम्मू ने भारत के विभिन्न क्षेत्रों से आए हुए 70 प्रतिभागियों साथ अपने विचार साझा करते हुए कहा कि बच्चों में उम्र और परिस्थितियों के साथ पनपने वाले भावनात्मक और व्यवहारिक मनोविकारों का अध्ययन, पहचान और निदान समय रहते बेहद आवश्यक है।वक्ताओं ने कहा कि अक्सर परीक्षा की चिंता, प्रेम में दिल टूट जाने का अवसाद, करियर की असफलता, नशीली दवाओं के सेवन और अन्य मनोदशाओं के कारण बच्चों के भावनात्मक और व्यावहारिक पहलुओं में बदलाव आ जाता है जिससे उनके दैनिक जीवन, स्वास्थ्य और रिश्तों पर नकारात्मक प्रभाव पड़ता है। मनोविज्ञान और मनोरोग विज्ञान की तकनीकों से इनका उपचार आसानी से किया जा सकता है। इस दौरान आगरा के राष्ट्रीय ख्याति प्राप्त मनोवैज्ञानिक, शिक्षाविद एवं साहित्यकार डॉ. महेश भार्गव की स्मृति में मनोविज्ञान के क्षेत्र में इंदौर के डॉ. उपेंद्र धर और शिक्षा के क्षेत्र में कोलकाता की प्रो. (डॉ.) हसीन ताज को आजीवन उपलब्धि सम्मान प्रदान किया गया।
साथ ही, बेंगलुरु विश्वविद्यालय के कल्यानी. के. और डॉ. नंदिनी एन. को डॉ. महेश भार्गव स्मृति एमीनेंस इन टीचर एजुकेशन अवार्ड तथा सलमान अफरीदी को डिजिटल मार्केटिंग में युवा शोधार्थी अवार्ड भी प्रदान किया गया। इस दौरान मानसिक स्वास्थ्य संस्थान एवं चिकित्सालय के निदेशक डॉ. दिनेश राठौर, आयोजन समिति के सचिव डॉ. सत्यधर द्विवेदी, डॉ. नवीन गुप्ता, डॉ. राजीव लोचन भारद्वाज, नेशनल साइकोलॉजिकल कारपोरेशन एवं हरप्रसाद व्यवहार अध्ययन संस्थान की ओर से श्रीमती रजनी भार्गव, डॉ. विवेक भार्गव, डॉ. राजश्री भार्गव, पीयूष भार्गव, श्रीमती नेहा भार्गव, विभोर, मनस्वी, पल्लव, मनन प्रमुख रूप से उपस्थित रहे।