आगरालीक्स…जनकपुरी महोत्सव में विवाद, राजा दशरथ को नहीं मिला बड़हार की दावत का निमंत्रण. जनक मंच पर भी हुआ अमर्यादित व्यवहार…वीडियो में देखें क्या—क्या कहा
ऐतिहासिक जनकपुरी महोत्सव इस वर्ष विवादों में घिर गया है। 18 सितंबर को कमला नगर में सजी जनकपुरी के जनक मंच पर राजा दशरथ को खंभे के पीछे बैठाने से जहां असहज स्थिति उत्पन्न हुई, वहीं शुक्रवार को आयोजित बड़हार की दावत में उन्हें व्यक्तिगत आमंत्रण पत्र न दिए जाने से मामला और तूल पकड़ गया। जनकपुरी महोत्सव समिति की ओर से राजा जनक राजेश अग्रवाल द्वारा रामलीला कमेटी के पदाधिकारियों और नगरवासियों को बड़हार की दावत के लिए निमंत्रण दिया गया था। लेकिन राजा दशरथ अजय अग्रवाल को व्यक्तिगत रूप से आमंत्रण पत्र नहीं दिया गया।
राजा दशरथ अजय अग्रवाल ने बताया कि शुक्रवार दोपहर लगभग 3:23 बजे राजा जनक का फोन आया और दावत में आने के लिए कहा गया। इस पर उन्होंने स्पष्ट किया कि उन्हें कोई निमंत्रण पत्र प्राप्त नहीं हुआ। राजा जनक का कहना था कि आमंत्रण लग्न पत्रिका के समय दे दिया गया था। राजा दशरथ ने नाराजगी व्यक्त करते हुए कहा कि बिना औपचारिक आमंत्रण और पूर्व सूचना के वे बड़हार की दावत में सम्मिलित नहीं हो सकते। उन्होंने यह भी कहा कि गुरुवार को जनक मंच पर उन्हें अमर्यादित व्यवहार का सामना करना पड़ा, जिससे उनकी भावनाएँ आहत हुईं। अजय अग्रवाल ने कहा कि बिना औपचारिक आमंत्रण और पूर्व सूचना के वे बड़हार की दावत में सम्मिलित नहीं हो सकते.
मंच पर भी किया अमर्यादित व्यवहार
राजा दशरथ स्वरूप अजय अग्रवाल ने कहा कि गुरुवार को जनक मंच पर भी उन्हें अमर्यादित व्यवहार का सामना करना पड़ा, जिससे उनकी भावनाएं आहत हुई हैं.मंच पर जिस जगह राजा दशरथ को बैठना था वहां राजा जनक स्वयं घेर कर बैठ गए. इस स्थिति में उन्हें मंच पर ऐसी जगह बैठना पड़ा, जहां उनके सामने खंभा था. नतीजा यह हुआ कि न तो वे पब्लिक को देख पा रहे थे और न पब्लिक उन्हें देख पा रही थी.
जनकपुरी महोत्सव समिति पूरी तरह फेल
राजा दशरथ स्वरूप ने कहा कि इस बार की जनकपुरी महोत्सव समिति पूरी तरह फेल है. दो पार्षद मनमानी कर रहे थे, अभद्रता कर रहे थे. राजा दशरथ स्वरूप की नाराजगी की बात सामने आने के बाद जनकपुरी कमेटी के अध्यक्ष मुरारी प्रसाद अग्रवाल उनके पास आएऔर जो कुछ हुआ उसके लिए अफसोस प्रकट करते हुए आज जनक मंच के लिए आमंत्रित किया. इस पर उन्होंने कहाकि आज कमेटी के अध्यक्ष नहीं आते तो वे आज जनक मंच पर भी नहीं जाते.