आगरालीक्स… जन्म से गूंगे बेहरे भी सुन सकते हैं, इसके लिए आगरा के खंडेलवाल हॉस्पिटल में डॉ गौरव खंडेलवाल ने सात साल के बच्चे का टिम्पैनॉटमी तकनीक से कॉक्लियर इम्प्लांट किया, कुछ दिन में यह बच्चा स्पीच थैरेपी लेने से सुनने के साथ बोल भी सकेगा।
जो बच्चे सुन नहीं पाते हैं वे बोल भी नहीं सकते, जन्म जात गूंगे बेहरे का कारण जैनेटिक भी हो सकता है, यानी परिवार में किसी को यह समस्या रही हो। ऐसे बच्चे सुन भी सकते हैं और बोल भी सकते है। खंडेलवाल हॉस्पिटल, प्रतापपुरा में ईएनटी स्पेशलिस्ट डॉ गौरव खंडेलवाल ने ऐसे ही सात साल के बच्चे का टिम्पैनॉटमी तकनीक से कॉक्लियर इम्प्लांट किया, उन्होंने बताया कि अब यह बच्चा सुनने के साथ बोल भी सकेगा। डॉ रजनीश का भी सहयोग रहा।