आगरालीक्स…आगरा में ईसाई समाज ने मननाया ‘ऑल सोल्स डे’. सभी गिरिजाघरों और कब्रिस्तानों में लोगों ने मोमबत्तियां जलाकर अपने दिवंगत परिजनों की आत्मशांति के लिए की प्रार्थना
ईसाई समाज द्वारा मनाया जाने वाला ‘ऑल सोल्स डे’ (सभी मृत विश्वासियों की स्मृति का दिन) आज पूरे नगर में अत्यंत श्रद्धा, भक्ति और भावनात्मक वातावरण के बीच सम्पन्न हुआ। इस दिन को विशेष रूप से उन सभी प्रियजनों की आत्मा की शांति के लिए समर्पित किया जाता है, जो इस संसार से विदा हो चुके हैं। शहर के सभी प्रमुख गिरजाघरों और कब्रिस्तानों में दिनभर श्रद्धापूर्ण माहौल रहा, जहाँ लोगों ने मोमबत्तियाँ जलाकर और फूल अर्पित कर अपने प्रिय स्वर्गवासी जनों को याद किया।
प्रातःकाल से ही गिरजाघरों में पवित्र मिस्सा बलिदान, विशेष आराधनाएं और सामूहिक प्रार्थनाएं आयोजित की गईं। श्रद्धालुओं ने बड़ी संख्या में भाग लेकर अपने दिवंगत परिवारजनों की आत्मा की शांति के लिए प्रार्थना की। इस पावन अवसर पर श्रद्धालु परिवारों में गहरा भावनात्मक माहौल रहा — कई लोगों ने कब्रों पर बैठकर मौन ध्यान लगाया, कुछ ने भजनों का गायन किया, और कई परिवारों ने फूलों व मोमबत्तियों से कब्रों को सजाया गया ,सेंट मेरी चर्च के प्रधान प्रोहित फादर जोसफ डाबरे ने जानकारी दी कि आगरा छावनी स्थित गोरों के कब्रिस्तान में पवित्र मिस्सा बलिदान चढ़ाकर सभी मृत विश्वासियों की आत्मशांति हेतु विशेष प्रार्थना की गई। प्रार्थना सभा में बड़ी संख्या में ईसाई समाज के लोग उपस्थित रहे।

इस अवसर पर प्रवचन देते हुए फादर विनसेंट ने कहा कि “मृत्यु जीवन का अंत नहीं, बल्कि एक नई शुरुआत है। यह जीवन का विनाश नहीं, बल्कि उसका रूपांतरण है। क़यामत के दिन हम सभी परमेश्वर के दरबार में उपस्थित होंगे, जहाँ हमारा विश्वास और हमारे सद्कर्म ही हमारे साथ रहेंगे।” उन्होंने यह भी कहा कि हमें अपने जीवन में प्रेम, क्षमा और करुणा का भाव बनाए रखना चाहिए, क्योंकि यही मूल्य मृत्यु के पार भी हमारे साथ रहते हैं।
पवित्र मिस्सा के पश्चात पुरोहितों ने सभी कब्रों पर पवित्र जल छिड़क कर आशीर्वाद प्रदान किया। मोमबत्तियों की झिलमिल रोशनी और ताजे फूलों की खुशबू से कब्रिस्तान का वातावरण दिव्यता से भर उठा। श्रद्धालुओं ने हाथ जोड़कर मौन प्रार्थना की और अपने प्रिय स्वर्गवासी जनों की आत्मा के लिए मोमबत्तियाँ जलाईं।
महाधर्माध्यक्ष डॉ. राफ़ी मंजलि ने मार्टस सेमिट्री (भगवान टॉकीज़ के समीप स्थित ईसाई कब्रिस्तान) में विशेष प्रार्थना सभा का नेतृत्व किया। उनके साथ फादर राजन दास और फादर मिरांडा भी उपस्थित रहे। उन्होंने अपने संबोधन में कहा कि “ऑल सोल्स डे हमें यह स्मरण कराता है कि मृत्यु के बाद भी आत्मा जीवित रहती है और हमारे प्रियजन परमेश्वर की अनंत शांति में विश्राम करते हैं। हमारा कर्तव्य है कि हम उनकी आत्मा की शांति के लिए प्रार्थना करें और उनके द्वारा दिखाए गए मार्ग पर चलें।”
इस अवसर पर क्रिश्चियन समाज सेवा सोसाइटी के अध्यक्ष श्री डेनिस सिल्वेरा ने सभी पुरोहितों, चर्च के पदाधिकारियों, कब्रिस्तान समिति के सदस्यों, छावनी परिषद के अधिकारियों और मीडिया प्रतिनिधियों का आभार व्यक्त किया l श्री लॉरेंस मसीह, श्री फिलिप, श्री एल्विन सिल्वेरा और श्री एंड्रयू गथ्री — भी इस अवसर पर उपस्थित रहे। सभी ने संयुक्त रूप से कहा कि “ऑल सोल्स डे न केवल स्मरण का दिन है, बल्कि यह जीवितों के लिए आत्मिक जागृति का अवसर भी है।”