आगरालीक्स …..बीएचयू की तरह आगरा में अंबेडकर विवि में री एग्जाम के लिए बदला गया नियम गर्माता जा रहा है। आगरा कॉलेज के बीए के छात्र ने कीटनाशक पीकर आत्महत्या करने की कोशिश की, उसे परिजनों ने बचा लिया।
अंबेडकर विवि ने इसी सत्र से री एग्जाम का नियम बदल दिया है। पहले दो विषयों के तीन पेपरों में फेल विद्यार्थी री-एग्जाम में शामिल हो सकते थे। आगरा कॉलेज में बीए प्रथम वर्ष का छात्र अखिलेश कुमार पुत्र दिवारी लाल निवासी दूरा भी दो विषय अंग्रेजी और मनोविज्ञान में फेल हो गया था। इस कारण वह अगली कक्षा में प्रवेश नहीं ले पा रहा था। एक महीने से अवसाद में चल रहे अखिलेश छात्र संगठनों के संयुक्त मोर्चा के संपर्क में था। वह नए नियम के विरोध में चल रहे आंदोलन में भी हिस्सा ले रहा था। कॉलेज के साथी उसकी ताने मा रहे थे । परिवारीजन भी छात्र को पढ़ाई न करने के लिए कोस रहे थे। छात्र ने शनिवार को घर में रखा कीटनाशक पी लिया। समय रहते परिवारीजनों को इसका पता चल गया। छात्र को निजी अस्पताल में भर्ती कराया। छात्र की स्थिति में सुधार आया है।
70 हजार छात्र परेशान
विवि के री एग्जाम के नए नियम के तहत एक विषय के एक पेपर में फेल छात्र ही री-एग्जाम दे पाएगा। इस नियम से विवि के करीब 70 हजार छात्र फेल हो रहे हैं। इसे लेकर विवि में आंदोलन चल रहा है। आगरा कॉलेज के बीए के छात्र द्वारा आत्महत्या की कोशिश करने से छात्रों में आक्रोश है।