मथुरालीक्स…मथुरा में स्ट्राइक वन ने बनाया बसंतर दिवस. सैनिकों को दी श्रद्धांजलि
स्ट्राइक वन ने अपनी हीरक जयंती (डायमंड जुबली ) समारोह के तहत मथुरा कैंट में ऐतिहासिक 'बसंतर युद्ध' को पारंपरिक गरिमा और सम्मान के साथ मनाया गया। लेफ्टिनेंट जनरल वी हरिहरन, अति विशिष्ट सेवा पदक और सेना पदक से सम्मानित, स्ट्राइक वन के जनरल ऑफिसर कमांडिंग ने राष्ट्र की सेवा में सर्वोच्च बलिदान देने वाले वीर सैनिकों की स्मृति में "बसंतर युद्ध स्मारक" पर पुष्पांजलि अर्पित की। यह दिन हमारे इतिहास का एक महत्वपूर्ण अध्याय है, जब साहस और दृढ़ संकल्प की जीत हुई और भारत को निर्णायक विजय प्राप्त हुई।शकरगढ़ क्षेत्र में लड़ा गया 'बसंतर का युद्ध' असाधारण शौर्य और रणनीतिक कुशलता के प्रमाण के रूप में सैन्य इतिहास में अंकित है। स्ट्राइक वन के सैनिकों ने असाधारण वीरता का प्रदर्शन करते हुए शत्रु के 53 टैंकों को नष्ट कर दिया और शत्रु के भूभाग पर कब्जा कर लिया, जिससे शत्रु का मनोबल और इच्छाशक्ति चकनाचूर हो गया इसी युद्ध में द्वितीय लेफ्टिनेंट अरुण खेत्रपाल ने असाधारण साहस और वीरता का परिचय दिया और उन्हें मरणोपरांत परमवीर चक्र से सम्मानित किया गया।
'बसंतर का युद्ध' भारतीय सेना के अदम्य साहस और राष्ट्र के प्रति उनकी अटूट प्रतिबद्धता का प्रतीक है। स्ट्राइक वन के सैनिकों ने इस ऐतिहासिक विजय की विशेषता बताने वाले वीरता, एकता और देशभक्ति के सिद्धांतों को कायम रखने का संकल्प लिया, ताकि इसकी विरासत आने वाली पीढ़ियों को प्रेरित करती रहे।