आगरालीक्स…Video…आगरा में बिजलीघर से खंदारी तक लंबी टनल से होती हुई मेट्रो जब हाइवे पर पहुंची तो वाहनों के ब्रेक लग गए. जानें कब से आईएसबीटी तक शुरू होगा मेट्रो का सफर और किराया
आगरा मेट्रो के प्रथम कॉरिडोर के प्रायोरिटी सेक्शन में मेट्रो परिचालन के सफल शुभारंभ के बाद, यूपीएमआरसी ने मनकामेश्वर से आईएसबीटी तक ट्रेन का ट्रायल रन सफलतापूर्वक आयोजित करके एक नया रिकॉर्ड बनाया है। यूपी मेट्रो ने आईएसबीटी और मनकामेश्वर मेट्रो स्टेशन के बीच अप लाइन पर आगरा मेट्रो ट्रेन का ट्रायल रन सफलतापूर्वक पूरा कर बड़ी उपलब्धि हासिल की है। इस ट्रायल रन के दौरान यूपी मेट्रो के प्रबंध निदेशक सुशील कुमार, निदेशक रोलिंग स्टॉक एवं सिस्टम नवीन कुमार, निदेशक कार्य एवं संरचना सीपी सिंह, आगरा मेट्रो के परियोजना निदेशक अरविंद कुमार राय सहित अन्य वरिष्ठ अधिकारी मौजूद रहे।
इन स्टेशनों से होकर गुजरी मेट्रो
आगरा में मेट्रो का पहला कॉरिडोर टीडीआई मॉल से सिकंदरा के बीच का है. टीडीआई मॉल पर बने ताज पूर्वी मेट्रो स्टेशन से बिजलीघर स्थित मनकामेश्वर स्टेशन तक मेट्रो इस समय संचालित है. इसके आगे के स्टेशन एसएन मेडिकल कॉलेज, आगरा कॉलेज, राजा की मंडी, आरबीएस, आईएसबीटी, गुरुद्वारा गुरु का ताल और सिकंदरा हैं. मंगलवार को ट्रायल मनकामेश्वर से एसएन मेडिकल कॉलेज, आगरा कॉलेज, राजा की मंडी, आरबीएस और आईएसबीटी तक ट्रायल हुआ. आईएसबीटी मेट्रो स्टेशन अभी अधूरा है लेकिन जहां तक ट्रैक का काम पूरा हो चुका है वहां तक मेट्रो का ट्रायल किया गया. बता दें कि एसएन मेडिकल कॉलेज, आगरा कॉलेज, राजा की मंडी और आरबीएस मेट्रो स्टेशन अंडरग्राउंड हैं जबकि हाइवे पर बाकी के तीन स्टेशन आईएसबीटी, गुरुद्वारा गुरु का ताल और सिकंदरा स्टेशन एलिवेटेड हैं.
जानिए कितना होगा किराया और कब से होगी शुरू
आगरा में आईएसबीटी तक मेट्रो का सफर मार्च 2026 तक शुरू हो सकता है. ऐसे में लोगों को न सिर्फ जाम से राहत मिलेगी बल्कि परिवहन का ऐसा साधन मिलेगा जो कि कई प्रमुख जगह से होता हुआ ताजमहल तक जाएगा. ताज पूर्वी गेट से आरबीएस तक का किराया 30 से 40 रुपये तक हो सकता है.
उल्लेखनीय है कि 2023 में इसी दिन आगरा के प्रायोरिटी सेक्शन (ताज ईस्ट गेट से मनकामेश्वर मेट्रो स्टेशन तक) पर ट्रेन का ट्रायल रन आयोजित किया गया था। अप लाइन पर ट्रायल रन के बाद, डाउन लाइन पर ट्रैक बिछाने का काम भी अंतिम चरण में है। जल्द ही डाउन लाइन में ट्रैक, ट्रेक्शन एवं सिग्नलिंग आदि का काम पूरा कर ट्रायल रन किया जाएगा।
ट्रायल रन क्या होता है?
किसी ट्रैक या खंड पर पहली बार ट्रेन के चलने को ट्रायल रन कहते हैं। ट्रायल रन यह सुनिश्चित करने के लिए किया जाता है कि मेट्रो प्रणाली और नवनिर्मित खंड यात्रियों के लिए पूरी तरह से सुरक्षित हैं। बता दें कि प्रथम कॉरिडोर में मनकामेश्वर स्टेशन से आईएसबीटी जाने वाली दिशा (अप लाइन)में मेट्रो ट्रेन को ले जाया गया। इस दौरान मेट्रो ट्रेन एसएन मेडिकल कॉलेज, आगरा कॉलेज, राजा की मंडी और आरबीएस कॉलेज मेट्रो स्टेशन से गुजरी। इसके बाद ट्रेन को अपलाइन में वापस मनकामेश्वर लाया गया।
गौरतलब है कि आईएसबीटी से सिकंदरा तक शेष खंड के एलिवेटेड सेक्शन पर सिविल कार्य भी तेजी से चल रहा है। इसी तरह, दूसरे कॉरिडोर (आगरा कैंट से कालिंदी विहार तक) का निर्माण कार्य भी तेजी से किया जा रहा है ताकि परियोजना समय पर पूरी हो सके और आगरा के लोगों को विश्व स्तरीय मेट्रो प्रणाली समय पर उपलब्ध हो सके।
भूमिगत ट्रैक कैसे बनाए जाते हैं?
भूमिगत मेट्रो के निर्माण के लिए, सबसे पहले स्टेशन का निर्माण किया जाता है। स्टेशन का ढांचा तैयार होने के बाद, एक लॉन्चिंग शाफ्ट बनाया जाता है और उसमें टनल बोरिंग मशीन (टीबीएम) डाली जाती है। टनल बोरिंग मशीन का उपयोग करके गोलाकार सुरंग का निर्माण किया जाता है। सुरंग के गोलाकार आकार के कारण, सीधे ट्रैक बिछाना संभव नहीं होता है; इसलिए, ट्रैक स्लैब बनाई जाती है। फिर इन समतल ट्रैक स्लैब पर बैलास्टलेस ट्रैक बिछाया जाता है।