आगरालीक्स…आगरा में बाइक से होगी श्रीराम वनगमन पथ यात्रा. अयोध्या से लेकर लंका तक बाइक राइडर डॉ. मुकेश चौहान तय करेंगे सफर…
14 वर्ष के वनवास के दौरान भगवान श्रीराम जिन स्थानों पर गए, इतिहास में वे दर्ज तो हैं लेकिन वर्तमान दौर में उनमें से ज्यादातर आज भी अनछुए हैं उनको लेकर तमाम जिज्ञासाएं हैं। श्रीराम के जीवन, आदर्शों और उनके 14 वर्षों के वनवास मार्ग को अनुभव करने के उद्देश्य से अन्वेषण, आध्यात्मिक एवं सांस्कृतिक एकल मोटरसाइकिल यात्रा श्रीराम वन गमन पथ यात्रा की जा रही है। इस ऐतिहासिक और आध्यात्मिक यात्रा को कर रहे हैं आगरा के प्रसिद्ध बाइक राइडर, ट्रैवल ब्लॉगर एवं यूट्यूब चैनल “Solo Explorer” के संचालक एवं रोटरी क्लब ऑफ आगरा डिवाइन के सचिव डॉ. मुकेश चौहान ।
दयालबाग निवासी डॉ. मुकेश चौहान ने बताया यह यात्रा न केवल एक राइड है, बल्कि भारतीय संस्कृति, रामायण कालीन स्थलों और सनातन परंपराओं और सामाजिक समरसता को जीवंत रूप में समझने का एक विनम्र प्रयास है। इससे पहले भी वे लगभग देश का तीन चौथाई भाग के प्रमुख स्थानों की सड़क मार्ग से यात्रा कर चुके हैं और लगभग 30 साल से अकेले बाइक से राइड करने का अनुभव है । श्रीराम वन गमन पथ में देश के आठ राज्यों के अलावा श्रीलंका भी शामिल रहेगा। करीब 75 दिन की अवधि में कुल 20 हजार किलोमीटर की यात्रा बाइक से पूर्ण की जाएगी।
16 जनवरी को सुबह 11 बजे सेठ पदम चंद जैन इंस्टीटयूट, डॉ. भीमराव अम्बेडकर विश्वविद्यालय खंदारी कैंपस आगरा से यात्रा प्रारंभ होगी तथा 18 जनवरी 2026 को भगवान श्रीराम की जन्मभूमि अयोध्या के हनुमान गढ़ी में राम भक्त हनुमान जी के आशीर्वाद के साथ विधिवत रूप से श्रीराम वन गमन पथ पर शुभारम्भ होगी।
यात्रा के प्रमुख उद्देश्य
रामायण में वर्णित श्रीराम के वनवास मार्ग से जुड़े पवित्र स्थलों का सामाजिक शोध ।
भारतीय संस्कृति, आध्यात्मिकता और ऐतिहासिक मार्गों का अध्ययन ।
स्थानीय जनमानस से संवाद कर रामायण से जुड़ी लोककथाओं और परंपराओं को जानना
आने वाली पीढ़ी और युवाओं में सनातन संस्कृति, धर्म, मर्यादा और इतिहास के प्रति जागरूकता
उत्पन्न करना तथा हिन्दू समाज को जातियों के भ्रम जाल से मुक्ति दिलाने का प्रयास करना ।
इस सम्पूर्ण यात्रा को एक पुस्तक के रूप में कलमबद्ध करके देश के सनातनी युवाओं के समक्ष प्रस्तुत करना।
इस धार्मिक यात्रा में प्रमुख रूप से निम्न स्थान शामिल होंगे – अयोध्या, श्रृंगवेरपुर, प्रयागराज, चित्रकूट, दंडकारण्य क्षेत्र, नाशिक (पंचवटी), किष्किंधा क्षेत्र (हनुमान जन्म स्थल), रामेश्वरम, लंका की ओर, इनकें अतिरिक्त, तुलसीकृत रामचरितमानस और वाल्मीकि कृत रामायण सहित अनेक पुस्तकों के अध्ययन एवं महीनों के शोध के बाद लगभग 200 से अधिक रामायण कालीन स्थलों को इस यात्रा में सम्मिलित किया गया है। जो उत्तर प्रदेश, मध्यप्रदेश, छत्तीसगढ़, तेलंगाना, महाराष्ट्र, कर्नाटक, तमिलनाडु और आंध्रप्रदेश तक में स्थित हैं ।
पत्रकार वार्ता के दौरान श्री मनःकामेश्वर महादेव मन्दिर के महंत श्री योगेश पूरी जी, यात्रा संरक्षक डॉ मुकेश गोयल, यात्रा संरक्षक एवं रोटरी क्लब ऑफ आगरा डिवाइन के अध्यक्ष डॉ अनुपम गुप्ता, कार्यक्रम संयोजक नवीन अग्रवाल, डॉ. शरद गुप्ता, सुनील कपूर, डॉ बी एस चौहान, डॉ सुमंत सिंह, अमित अग्रवाल, भगत सिंह बघेल, मनोज जादोंन आदि उपस्थित रहे।