आगरालीक्स ..आगरा में टेस्ट टयूब बेबी ने रैंप पर कैट वॉक किया। आगरा में जन्मा पहला आईवीएफ बेबी ‘उत्सव’ अब 19 साल का हो चुका है। नेपाल के पहले आईवीएफ बेबी ओ मनी का जन्म कराने का कीर्तिमान भी इसी संस्थान के नाम है। विदेशों से भी लोग यहां अपने सपनों को सच करने की आशाा के साथ आते हैं। ऐसे सैकड़ों बच्चों का विकास, उनके अभिभावकों के चेहरों पर कृतज्ञता का भाव और हजारों लोगों के सपने सच कर दिखाने का गौरव देखने को मिला ‘रेनबो-डे’ के मौके पर। बुधवार को मल्होत्रा नर्सिंग एंड मैटरनिटी होम को 60, मल्होत्रा टेस्ट ट्यूब बेटी सेंटर और रेनबो आईवीएफ को 20 और रेनबो हॉस्पिटल को 05 वर्ष पूरे हो गए हैं।

हर साल इस मौके को बड़े ही उत्साह के साथ ‘रेनबो डे’ के रूप में सेलिब्रेट किया जाता है। इस बार रेनबो डे काफी अनौखे अंदाज में मनाया गया। उन बच्चों और परिवारों को आमंत्रित किया गया, जिनके सपने मल्होत्रा टेस्ट ट्यूब बेबी सेंटर और रेनबो हॉस्पिटल के प्रयासों से आईवीएफ तकनीक के जरिए पूरे हुए। कार्यक्रम में तकरीबन 500 बच्चों ने शिरकत की। उनके माता-पिता के चेहरे पर भी मल्होत्रा टेस्ट ट्यूब बेबी और रेनबो आईवीएफ के प्रति कृतज्ञ भाव था। वहीं डॉक्टरों और स्टॉफ सैकड़ों लोगों के सपने पूरे कर सफलता के शीर्ष पर पहुंचने के लिए गौरवान्वित नजर आया। अस्पताल के डॉक्टर और कर्मचारी भी अपने नन्हे-मुन्हों को लेकर पहुंचे। सबसे पहले सभी बच्चों का स्वास्थ्य परीक्षण किया गया। दोपहर 12 से दो बजे तक बच्चों के लिए बेबी फैंसी ड्रेस एंड फैशन शो, मदर्स एंड बेबी वॉक, जो बच्चे मल्होत्रा नर्सिंग एंड मैटरनिटी होम में पैदा हुए और अब बड़े होकर भी संस्थान से जुड़े हुए हैं, उनके लिए एक रैंप वॉक रखी गई। इसके साथ ही नृत्य व गायन प्रतियोगिताएं भी हुर्इं। बच्चों को शून्य से तीन वर्ष तक, तीन से छह वर्ष तक और दस वर्ष से अधिक आयु वर्ग में बांटा गया था। विजेता प्रतिभागियों को पुरस्कार और प्रमाण-पत्र देकर प्रोत्साहित किया गया। इससे पूर्व अतिथियों का स्वागत करते हुए रेनबो हॉस्पिटल के निदेशक डा. नरेंद्र मल्होत्रा ने कहा कि हमारी सफलता का यह उत्सव इस बार अनूठा है। इस केंद्र में पैदा हुए बच्चों को परिवार समेत बुलाया गया है, जिसमें संतुष्टि, उत्साह, मातृत्व एवं स्नेह का भाव देखते ही बनता है। रेनबो आईवीएफ की निदेशक डा. जयदीप मल्होत्रा ने कहा कि इस मील का पत्थर तक पहुंचने के लिए हमें बेहद गर्व है और लोगों के माता-पिता बनने का सपना पूरा करते रहें, ऐसी भविष्य की आशा है। उन्होंने कहा कि आज अस्पताल परिसर में इतने सारे खुश परिवारों को देखकर, जिनके सपने हमारी कोशिशों से सच साबित हुए हैं, बहुत ही मन को छूने वाला और भावनात्मक अनुभव है। इन बच्चों के विकास को देखना तो और भी ज्यादा उत्साहवर्धक है। रेनबो हॉस्पिटल के पिछले पांच वर्षों के इतिहास पर प्रकाश डालते हुए वरिष्ठ चिकित्सकों में डा. आरसी मिश्रा, डा. मधुसूदन अग्रवाल, डा. अनूप खरे, डा. विनय तिवारी, डा. वंदना कालरा ने कहा कि रेनबो हॉस्पिटल एक ऐसी जगह है जहां जटिल से जटिल रोगों का आधुनिक और नवीनतम इलाज उपलब्ध है। विशेषज्ञों चिकित्सकों की एक बड़ी टीम रेनबो हॉस्पिटल के पास है, जो बेहतर काम करती है। हम प्रत्येक उस व्यक्ति के आभारी हैं, जिन्होंने रेनबो हॉस्पिटल और उसकी सेवाओं पर भरोसा किया है। कोशिश रहेगी कि इलाज की आधुनिक और उच्चतम तकनीकों का अधिक से अधिक लाभ जरूरतमंदों तक पहुंचे।
इस अवसर पर डा. आरएम मल्होत्रा, डा. आरएल शर्मा, डायटीशियन रेनुका डंग, डा. मनप्रीत शर्मा, डा. शैमी बंसल, डा. राजेश गुप्ता, डा. संजीव अग्रवाल, डा. प्रेमाशीष मजूमदार, डा. विशाल गुप्ता, डा. मानवेंद्र चौहान, डा. विनय कुमार मित्तल, डा. विश्वदीपक, डा. मनोज शर्मा, डा. हिमांशु यादव, राकेश आहूजा, अमृतपाल सिंह चड्ढा, तरुण मैनी, लवकेश गौतम, सुदीप पुरी, केशवेंद्र सिसौदिया, दीपक, नवनीत, धर्मेद्र, मनोज आदि मौजूद थे।
5000 परिवारों के सपने किए सच
रेनबो आईवीएफ की डा. निहारिका मल्होत्रा, डा. ऋषभ बोरा, डा. केशव मल्होत्रा, डा. शैली गुप्ता और डा. दीक्षा गोस्वामी ने बताया कि रेनबो डे सफलता की कहानियों का एक उत्सव है। आगरा में जन्मा पहला टेस्ट ट्यूब बेबी ‘उत्सव’ 19 साल का हो गया है। नेपाल के प्रथम आईवीएफ बेबी का जन्म कराने का कीर्तिमान भी संस्थान के नाम है। उसका नाम ओम मनी है और वह अब 12 साल को हो चुका है। दुनिया में लगभग 50 लाख टेस्ट ट्यूब बेबी जन्म ले चुके हैं और भारत में करीब पांच से छह लाख टेस्ट ट्यूब बेबी हैं। 25 जुलाई 1978 को ग्रेट ब्रिटेन में लेज्ली ब्राउन ने दुनिया के पहले टेस्ट ट्यूब बेबी को जन्म दिया था। मल्होत्रा टेस्ट ट्यूब बेबी सेंटर और रेनबो में अब तक करीब 5000 टेस्ट ट्यूब बेबी हो चुके हैं। विदेशी दंपती भी आईवीएफ सेंटर में अपने सपने लेकर आते हैं। पहला टेस्ट ट्यूब बेबी यहां 1998 को हुआ हुआ था।
यह रहे निर्णायक
निर्णायकों की भूमिका दीपा कोचर, अंशा वासन, आशु मित्तल, मोनिका अग्रवाल, अभिषेक गुप्ता, पूनम सचदेवा, निधि लाल, ईरा खेड़ा ने निभाई।