आगरालीक्स…बच्चों के दिमाग में सूजन डॉक्टरों के लिए बड़ी चुनौती बनी हुई है. मोबाइल के इस्तेमाल ने बच्चों के विकास को रोक दिया है. आगरा में देशभर से जुटे बाल रोग विशेषज्ञों ने की चर्चा
वर्तमान में बच्चों में न्यूरो इन्फेक्शन का खतरा निरंतर बढ़ रहा है। बच्चों के दिमाग में सूजन आज डॉक्टरों के लिए बड़ी चुनौती बन गया है। मोबाइल के अधिक इस्तेमाल ने बच्चों के विकास को रोक दिया है. बच्चों के मस्तिष्क संक्रमण रूपी स्वास्थ्य समस्या के निदान पर चर्चा करने के लिए शनिवार को देशभर के बाल रोग विशेषज्ञ आगरा में एकत्र हुए हैं। बच्चों में न्यूरो-इन्फेक्शन के बढ़ते बोझ पर जागरूकता। आधुनिक निदान एवं उपचार पद्धतियों पर चर्चा। टीकाकरण एवं रोकथाम रणनीतियों को बढ़ावा। राष्ट्रीय स्तर पर शोध एवं सहयोग को प्रोत्साहन संबंधित उद्देश्यों के दृष्टिगत आगरा में दो दिवसीय न्यूरो आईडी कॉन 2026 का आयोजन होटल क्लार्क शिराज में किया जा रहा है। इसमें देशभर के बाल रोग विशेषज्ञ भाग ले रहे हैं।
मस्तिष्क संक्रमण पर विशेषज्ञों ने की चर्चा
कॉन्फ्रेंस में विशेषज्ञों ने मस्तिष्क संक्रमण से संबंधित विभिन्न रोगों पर चर्चा की। मलेशिया से आए इंटरनल स्पीकर्स डॉक्टर ताजुल ताजुद्दीन ने दिमाग की बुखार में मूवमेंट डिसऑर्डर की बीमारियों पर ध्यान केंद्रित करते हुए आधुनिक उपचार से कराया अवगत। डॉ संजय सक्सेना ने बच्चेदानी के मुंह के कैंसर के बचाव और टीकाकरण के महत्व को बताया। डॉ शिव महेंद्रू और डॉक्टर सांची महेंद्रू ने बच्चों के दिमागी इन्फेक्शन की जांच के महत्व पर प्रकाश डाला। डॉ विनीत वानखड़े ने पैनल डिस्कशन में दिमाग के इन्फेक्शन के तरीकों पर चर्चा की। डॉ. संजय घोरपड़े द्वारा दिमागी इन्फेक्शन के आधुनिक उपचार पर व्याख्यान दिया गया। डॉ विजय यावले ने न्यूरो इन्फेक्शन के विभिन्न केसों की जानकारी दी। डॉक्टर तनु सिंघल ने आधुनिक जांचों पर व्याख्यान दिया। डॉ प्रतिभा सिंघी ने न्यूरो इन्फेक्शन के आधुनिक उपचार पर चर्चा की। डॉक्टर राजेश्वर दयाल ने दिमाग की टीवी में पीसीआर जांच के महत्व पर प्रकाश डाला। डॉ प्रदीप चावला, डॉक्टर संजीव अग्रवाल, डॉक्टर स्वाति द्विवेदी, डॉ संजय सक्सेना, डॉ राहुल पैंगोरिया, डॉक्टर सोनिया भट्ट, डॉ राजीव जैन ने न्यूरो इन्फेक्शन के कारण, बचाव और उपचार की जानकारी विभिन्न सत्रों के माध्यम से दी।
न्यूरो आईडी कॉन 2026 का उद्घाटन मुख्य अतिथि आईएपी की नेशनल प्रेसिडेंट डॉ. नीलम मोहन, विशिष्ट अतिथि आईएपी के प्रेसिडेंट इलेक्ट डॉ सिंगारवेलू एम और पीडा के नेशनल चेयरपर्सन डॉ. संजय घोरपड़े, एओपीएन के नेशनल सेक्रेटरी डॉ. विनीत बनखंडे, चीफ ऑर्गेनाइजिंग चेयरपर्सन डॉ. राकेश भाटिया, ऑर्गेनाइजिंग सेक्रेटरी डॉ. अरुण जैन, आएपी के प्रदेश अध्यक्ष व ऑर्गेनाइजिंग चेयरपर्सन डॉ आरएन द्विवेदी, एओपीएन के नेशनल चेयरपर्सन डॉ. जितेंद्र कुमार साहू, पीडा के नेशनल सेक्रेटरी डॉ. केके अरोरा, एओपीएन के यूपी के प्रेसिडेंट डॉ. अशोक राय और सेक्रेटरी डॉ. अनूप कुमार, डॉक्टर राजेश्वर दयाल, डॉ. आरएन शर्मा, डॉ. प्रदीप चावला, डॉक्टर संजय सक्सेना, डॉ राजीव कृषक, डॉ. संजीव अग्रवाल, डॉ. स्वाति द्विवेदी, डॉ. राहुल पैंगोरिया, डॉ. अतुल बंसल, डॉ. अभिषेक गुप्ता, डॉ. पंकज कुमार, डॉ. राजीव जैन, डॉ. सोनिया भट्ट, डॉ. प्रीति जैन, डॉ. अश्विनी यादव, डॉ. अमित सक्सेना, डॉ. मनीष सिंह द्वारा संयुक्त रूप से दीप प्रज्वलित कर किया गया।
स्वागत भाषण चीफ ऑर्गेनाइजिंग चेयरपर्सन डॉ. राकेश भाटिया और धन्यवाद ज्ञापन ऑर्गेनाइजिंग सेक्रेटरी डॉ. अरुण जैन के द्वारा किया गया। उद्घाटन के बाद सत्र प्रारंभ हुए। बाल रोग विशेषज्ञ डॉक्टर अरुण जैन ने निमोनिया न्यूमोकोकल बीमारी से बचाव के लिए लगने वाले टीकाकरण पर व्याख्यान दिया। कार्यशाला में मुख्य कोऑर्डिनेटर डॉक्टर मीनल गर्ग ने पीआईसीयू में इमरजेंसी उपचार पर व्याख्यान दिया। इस दौरान डॉक्टर सीपी गुपा और डॉ अनूप कुमार मौजूद रहे। इस अवसार पर डॉ सुनील अग्रवाल, डॉ. सुमित तनेजा, डॉ. ऋषि बंसल,डॉ. जेएन टंडन, डॉ. मुकेश भारद्वाज, डॉ. सुंदीप मिनोचा, डॉ. अनुभव जैन मौजूद रहे।
कॉन्फ्रेंस में पढ़े गए शोध पत्र
चीफ ऑर्गेनाइजिंग चेयरपर्सन डॉ. राकेश भाटिया और ऑर्गेनाइजिंग सेक्रेटरी डॉ. अरुण जैन ने बताया कि सम्मेलन में देशभर के वरिष्ठ बाल रोग विशेषज्ञ, बाल रोग चिकित्सक, न्यूरोलॉजिस्ट, युवा डॉक्टर एवं शोधार्थियों ने शोध पत्र भी पढ़े।
स्टॉल्स ने आगरा की संस्कृति को प्रस्तुत किया
चीफ ऑर्गेनाइजिंग चेयरपर्सन डॉ. राकेश भाटिया और ऑर्गेनाइजिंग सेक्रेटरी डॉ. अरुण जैन ने बताया कि कॉन्फ्रेंस में विभिन्न प्रकार की जानकारियां प्रस्तुत करते हुए 65 स्टॉल्स लगाए गए हैं, जिनमें 15 स्टॉल्स आगरा की संस्कृति और सभ्यता को प्रस्तुत करने वाले लगाए गए हैं। जो प्रमुख आकर्षण का केंद्र बिंदु है। इनमें ऐतिहासिक स्मारक ताजमहल, प्रमुख खाद्य पदार्थ सहित विभिन्न प्रकार के स्टॉल्स शामिल हैं।
रविवार को भी विभिन्न सत्र होंगे
कॉन्फ्रेंस के दूसरे दिन रविवार को सुबह से ही विभिन्न सत्रों का आयोजन किया जाएगा, जिसमें विशेषज्ञ न्यूरो इन्फेक्शन से संबंधित व्याख्यान देकर युवा चिकित्सकों को आधुनिक उपचार और पद्धति से कराएंगे अवगत।