आगरालीक्स… आगरा के डॉ भीमराव अंबेडकर विवि के बीएड फर्जी मार्कशीट प्रकरण में सही छात्र भी फंस गए हैं, ऐसे छात्रों की कानूनी मदद के लिए एडवोकेट सामने आए हैं, वे उनका केस लडेंगे।
विवि के बीएड सत्र 2004 05 में 4780 फर्जी मार्कशीट की रिपोर्ट एसआईटी ने दी है, इसमें से अधिकांश शिक्षक है। 4780 में से एक हजार से अधिक ऐसे छात्र हैं जिनके नंबर बढाए गए हैं, वे कॉलेज के छात्र भी रहे हैं और परीक्षा में भी शामिल हुए। इसमें से कुछ सही छात्र भी हैं, ये छात्र एडवोकेट विवेक कुमार के संपर्क में आए हैं, उनकी परेशानी को देखते हुए वे केस लडने के लिए तैयार हो गए हैं।
विवि अधिकारियों ने की गडबडी, फंस रहे छात्र

एडवोकेट विवेक कुमार ने बताया कि बीएड प्रकरण में दो तरह के केस हैं, एक हजार केस ऐसे हैं जिन्होंने परीक्षा दी थी और बाद में नंबर बढा दिए गए, इसमें से तमाम सही छात्र, उसी तरह से फंस गए हैं जिसके कारण मामला खुला है। दरअसल, विवि ने बीएड सत्र 2004 05 के छात्र सुनील कुमार को 54 फीसद की बीएड की मार्कशीट दी थी। उन्होंने अपनी मार्कशीट से नौकरी के लिए आवेदन किया, उसी समय उनकी मार्कशीट खो गई, सुनील कुमार ने विवि से डुप्लीकेट मार्कशीट बनवाई तो उसमें उनके अंक 84 फीसद थे, वे 54 पफीसद अंक की मार्कशीट से आवेदन कर चुके थे और सलेक्शन भी हो गया था। सुनील कुमार ने विवि के चक्कर लगाए और यह कहा कि यह बता दें कौन सी मार्कशीट सही है जिससे उस मार्कशीट के आधार पर नौकरी लग सके। विवि द्वारा कोई जवाब न देने पर वे हाईकोर्ट चले गए, हाईकोर्ट ने एसआईटी गठित कर दी और मामला खुल गया। इसी तरह से तमाम छात्र हैं जिन्हें जानकारी भी नहीं है और उनके अंक बढा दिए गए हैं। ऐसे केस में एडवोकेट विवेक कुमार केस लडेंगे।
