आगरालीक्स…चैत्र नवरात्रि के छठवें दिन कल मंगलवार को होगी मां कात्यायनी की पूजा. इस स्वरूप के लिए देवी ने कात्यायन ऋषि के घर लिया था जन्म…जानिए इनकी महिमा
मां का चोला( नेवी ब्लू )शुभ रंग (लाल )भोग-मधु शहद का भोग लगाने से साधक सुंदर रूप का हो जाता है।मां दुर्गा के छठवें स्वरूप का नाम कात्यायनी है। महर्षि कतके के पुत्र ऋषि कात्यायन ने भगवती की उपासना कर उनके घर में पुत्री के रूप में जन्म लेने की प्रार्थना की थी। देवी को अजन्मा माना गया है। लेकिन कात्यायन ऋषि की प्रसन्नता के लिए देवी ने अजन्मा स्वरूप त्यागकर ऋषि कुल में जन्म लिया। इसी कारण से देवी का नाम कात्यायनी पड़ा। इसी कात्य गोत्र में विश्व प्रसिद्ध महर्षि कात्यायन उत्पन्न हुए थे। सामान्यता पुत्री का गोत्र पिता से अधिक पति के गोत्र से चलता है लेकिन यहां तो देवी सर्व सदा सर्वदा के लिए पिता के गोत्र कात्यायन से जुड़ गई।
नवरात्र के छठे दिन साधक मां भगवती के इसी रूप की पूजा अर्चना करते हैं। कुछ काल के बाद दानव महिषासुर का अत्याचार पृथ्वी पर बहुत बढ़ गया। तब भगवान ब्रह्मा विष्णु महेश तीनों ने अपने तेज का अंश देकर महिषासुर के विनाश के लिए एक देवी उत्पन्न की। महर्षि कात्यायन ने सर्वप्रथम इनकी पूजा की। इसी कारण से ये कात्यायनी कहलाई। भगवान कृष्ण को पति रूप में पाने के लिए ब्रज की गोपियों ने इनकी पूजा यमुना तट पर की थी। इस रात्रि जागरण और जप करने से साधक को सहज ही माता कात्यायनी की कृपा का लाभ मिलता है। नवरात्र के छठे दिन साधक का मन आज्ञा चक्र में होता है।
तेज और प्रताप बढ़ाती है मां कात्यायनी
मां कात्यायनी की उपासना करने वाले भक्त बड़ी सहजता से धर्म, अर्थ, काम और मोक्ष इन चारों पुरुषार्थो को प्राप्त कर लेते हैं। मां कात्यायनी दिव्यता के अति गुप्त रहस्यों का प्रतीक है। व्यक्ति का भाग्य उसके आंतरिक अदृश्य जगत से संचालित होता है। वह जगत जो अदृश्य है। हमारी इंद्रियां भी उसका अनुभव नहीं कर सकती हैं और जो हमारी कल्पना से परे है वही जगत मां कात्यायनी के प्रताप से संबंधित है। नवरात्र के छठे दिन मां कात्यायनी रुप का ध्यान पूजन करने से भक्तों के आंतरिक सूक्ष्म जगत में चल रही नकारात्मकता का नाश होता है और सकारात्मकता का विकास होता है।
मंत्र
या देवी सर्वभूतेषु स्मृति रुपेण संस्थिता !नमस्तस्यै नमस्तस्यै नमस्तस्यै नमो नमः
प्रसिद्ध (ज्योतिषाचार्य) परमपूज्य गुरुदेव पंडित हृदय रंजन शर्मा (अध्यक्ष )श्री गुरु ज्योतिष संस्थान गुरु रत्न भंडार पुरानी कोतवाली सर्राफा बाजार अलीगढ़ यूपी WhatsApp नंबर-9756402981,7500048250