आगरालीक्स…आगरा में 8 साल की बच्ची की हत्या क्यूं हुई…क्या किरायेदार के कमरे में कोई और भी था जिसको बच्ची ने उसके साथ देख लिया था…क्या कोई करीबी भी था वहां…पुलिस तीन एंगल से जुटा रही तथ्य..
आगरा के ताजगंज क्षेत्र में 8 साल की मासूम बच्ची की वीभत्स हत्या की गई. किरायेदार सुनील के कमरे में बच्ची की लाश आटे के कनस्तर में मिली और किरायेदार फरार था. दो दिन बाद पुलिस ने एनकाउंटर में किरायेदार सुनील को ढेर कर दिया. किरायेदार सुनील मारा जा चुका है. लेकिन अभी तक यह साफ नहीं हुआ है कि बच्ची की हत्या क्यों की गई. सुनील इतना वीभत्स क्यों हो गया. उसने बच्ची की बेरहमी से हत्या करने के बाद उसकी लाश को आटे के कनस्तर में छुपा दिया और इसके बाद खून से सने घर और कपड़ों को धोया. यही नहीं बच्ची के लापता होने पर ढूंढ रहे परिजनों के साथ तक रहा. पुलिस अब इस हत्याकांड की असली सच्चाई जानने का प्रयास कर रही है और जांच की जा रही है. जांच में पुलिस एक नये एंगल को भी देख रही है. जिसमें यह सामने आया है कि बच्ची जब सुनील के कमरे में गई तो वहां पहले से कोई और भी सुनील के साथ था. बच्ची ने वो देख लिया जो उसे नहीं देखना चाहिए था और इसी वजह से उसकी हत्या की गई. किसी महिला की भूमिका संदिग्धमासूम बच्ची की हत्या के मामले में पुलिस को एक महिला की भूमिका संदिग्ध लग रही है. पुलिस सर्विलांस की मदद से महिला की कॉल डिटेल और आरोपी से संबंधों का पता कर रही है. इसके अलावा यह भी पता किया जा रहा है कि कहीं वह बच्ची के साथ गलत हरकत तो नहीं करना चाहता था, क्योंकि आरोपी सुनील की पत्नी उसे पहले ही छोड़ कर जा चुकी थी. वह नशे का आदी था, इस बात की जांच के लिए स्लाइड विधि विज्ञान प्रयोगशाला में जांच के लिए भेजा है.
ये है मामला
नवरात्रों में 24 मार्च को थाना ताजगंज क्षेत्र में एक 8 वर्षीय बच्ची अचानक गायब हुई. परिजनों ने पुलिस को सूचना दी जिस पर तत्काल अभियोग पंजीकृत किया गया और बच्ची की तलाश हेतु DCP City सैय्यद अली अब्बास के नेतृत्व में 12 टीमें गठित की गईं. ठीक अगले दिन टीमों ने बच्ची का शव उसी के घर में किराए पर रह रहे उसके मुंह बोले चाचा सुनील के कमरे से एक आटे के कनस्तर से बरामद किया. सुनील व उसके परिजनों ने पुलिस और बच्ची के परिजनों को गुमराह करने का भरसक प्रयत्न किया. मुख्य अभियुक्त सुनील की गिरफ्तारी हेतु टीमें प्रयासरत थीं. 27—28 मार्च की रात को मुखबिर की सूचना पर टीमों ने सुनील की घेराबंदी की जिसमें 25,000 के इनामियाँ अभियुक्त सुनील ने पुलिस की टीमों पर फायरिंग शुरू कर दी जिसमें एक उप निरीक्षक घायल हो गया. टीमों द्वारा आत्मरक्षार्थ की गई जवाबी कार्यवाही में सुनील को गोली लगी, जिसे चिकित्सकों द्वारा उपचार के दौरान मृत घोषित कर दिया गया.