आगरालीक्स… आगरा में फ्लैट के नाम पर लाखों रुपये की धोखाधडी में एक बडी रियल एस्टेट कंपनी के डायरेक्टर सहित 10 लोगों पर मुकदमा दर्ज कर विवेचना के आदेश शनिवार को अपर मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट वरुण मोहित निगम ने दिए हैं।
मीडिया रिपोर्ट के अनुसार, मोहनपुरा ईदगाह निवासी विपिन कुमार अग्रवाल ने अदालत में प्रार्थना पत्र प्रस्तुत किया। इसमें कहा कि मैसर्स यूनिटेक लिमिटेड कंपनी रीयल एस्टेट का कारोबार करती है। उक्त कंपनी द्वारा सेक्टर 117 नोएडा में विकसित किए गए प्रोजेक्ट में फ्लैट की बुकिंग कराने के लिए कंपनी के कर्मचारियों ने उससे संपर्क किया। प्रोजेक्ट के बारे में बताया। उसने यूनिट नंबर 0001 के ग्राउंड फ्लोर टॉवर द रेजीडेन्सिस स्थित 153 वर्ग मीटर की बुकिंग 16 जनवरी 2013 को कराई थी। कंपनी को बुकिंग फार्म के साथ छह लाख रुपये का चेक दिया था। कंपनी ने उसके व उसकी पत्नी शोभना अग्रवाल के नाम से प्रॉविजनल एलॉटमेंट लेटर जारी किया था। इसके बाद उसने 30 लाख बीस हजार रुपये और जमा कराए। इसमें से 17 लाख बीस हजार का लोन लिया था।
आरोप है कि विपक्षियों ने शर्तों के अनुसार 36 माह के भीतर कब्जा देने का भरोसा दिलाया था। लेकिन यूनिट वाले टॉवर का अभी तक निर्माण प्रारंभ नहीं किया गया। संपर्क करने पर कोई संतोषजनक जवाब नहीं दिया। अदालत ने साक्ष्य के आधार पर मैनेजिंग डायरेक्टर रमेश चंद्र, डायरेक्टर अजय चंद्र, संजय चंद्र, सुनील रेखी, ऋषि देव समेत दस के खिलाफ मुकदमा दर्ज के आदेश दिए।