यूपीलीक्स…शॉकिंग, सीबीएसई 10वीं में 92% लाने वाली वैशाली ने दे दी जान. 95% अंक न आने पर थी मायूस. फंदे पर लटका मिला शव. वॉयस रिकॉर्डिंग में कहा—मैं जिंदा लाश बन गई हूं…
यूपी में कानपुर के पनकी से एक ऐसी खबर आई है जिसने हर किसी को न सिर्फ अचंभित कर दिया है बल्कि सोचने पर भी मजबूर कर दिया है. सीबीएसई 10वीं में 92% अंक पाकर भी एक छात्रा वैशाली ने अपनी जान दे दी. उसका शव फंदे पर लटका हुआ था. मौत से पहले उसने अपने कुछ साथियों को वॉयस रिकॉर्डिंग भी भेजी जिसमें उसने 95% का लक्ष्य न पूरा होने पर लिखा कि वह जिंदा लाश बन गई है.95% अंक न आने पर थी मायूस
कानपुर के पनकी रतनपुर के शिवालिक भवन में रहने वाली 16 साल की छात्रा वैशाली ने इस साल सीबीएसई 10वीं में बोर्ड के एग्जाम दिए थे. वैशाली अर्मापुर स्थित केंद्रीय विद्यालय की छात्रा थी. परिवार में मां काजल, 19 साल का भाई प्रिंस है. पिता का दो साल पहले निधन हो चुका है. मां काजल एक मॉल में जॉब करती हैं. प्रिंस पढ़ाई छोड़ चुका है और घर पर ही रहता है. बुधवार को सीबीएसई 10वीं का रिजल्ट जारी हुआ था. इसमें वैशाली के 92% अंक आए थे. इसके बावजूद वह मायूस थी क्योंकि वह 95% से ज्यादा अंक चाहती थी.
फंदे पर लटका मिला शव
मां काजल ने बताया कि गुरुवार को वह मॉल काम पर गई थी. दोपहर में कई बार वैशाली को कॉल किया लेकिन उसने फोन रिसीव नहीं किया. इस पर उन्होंने प्रिंस को कमरे में भेजकर बात कराने के लिए कहा. प्रिंस जब कमरे में पहुंचा तो वैशाली का शव फंदे पर लटका हुआ था जिसे देखकर उसकी चीख निकल गई.
सूचना पर पुलिस और फोरेंसिक टीम मौके पर पहुंची और जांच पड़ताल की. पुलिस ने कहा कि तनाव के कारण छात्रा के खुदकुशी की बात सामने आई है. उसके मोबाइल को कब्जे में लिया गया है जिसमें उसने अपने कुछ साथियों को मौत से पहले वॉयस रिकॉर्डिंग भेजी है. तहरीर मिलने पर कार्रवाई की जाएगी. छात्रा वैशाली की मौत से परिवार में कोहराम मच गया है.
जिंदा लाश बन गई हूं मैं
खुदकुशी से पहले वैशाली ने अपने कुछ साथियों को एक वॉयस रिकॉर्डिंग भेजी थी जिसमें उसने कहा कि मेरे से अब जिया नहीं जाएगा..मैं एक जिंदा लाश बनकर रह गई हूं. अब मुझे जीने की इच्छा नहीं है.. मुझे बहुत डर लगता है…मां मुझ पर इतना पैसा खर्च कर रही हैं..कहीं उनका पैसा बर्बाद न हो जाए.
मृतका की मां काजल ने आरोप लगाया कि बेटी पर स्कूल की ओर से पढ़ाई का काफी दबाव डाला जा रहा था. प्रिंस का कहना है कि वह भी केंद्रीय विद्यालय में 11वीं का छात्र रहा है. शरारती होने के कारण उसके नंबर अच्छे नहीं आते थे. पिता के देहांत के बाद उसने पढ़ाई छोड़ दी. प्रिंस ने आरोप लगाया कि उसके पढ़ाई छ़ोने के बाद स्कूल के कुछ टीचर वैशाली की तुलना उससे करते हुए पढ़ाई का दबाव डालकर मानसिक रूप से परेशान करते थे. प्रिंस के अनुसार बहन अक्सर उसे बताती थी कि टीचर उससे कहते थे कि तुम प्रिंस की बहन हो, तुम्हारे अच्छे अंक नहीं आ पाएंगे.