आगरालीक्स…आगरा में फ्री में सीखें माटी कला. खिलौने, सजावटी सामान और नक्काशी की मिलेगी विशेष ट्रेनिंग, साथ में मिलेगा भत्ता. 15 दिवसीय निशुल्क आवासीय प्रशिक्षण हो रहा शुरू
योगी सरकार प्रदेश की पारंपरिक कलाओं और कारीगरों को बढ़ावा देने व उन्हें आत्मनिर्भर बनाने के लिए लगातार कदम उठा रही है। इसी कड़ी में मिट्टी के बर्तन, मूर्तियां और सजावटी सामान बनाने वाले कारीगरों की आय बढ़ाने और उनके कौशल को निखारने के लिए एक शानदार पहल की गई है। आगरा में उ.प्र. माटी कला बोर्ड द्वारा संचालित "माटी कला कौशल विकास योजना" के तहत वित्तीय वर्ष 2026- 27 के लिए 15 दिवसीय शिल्पकारी प्रशिक्षण का आयोजन किया जा रहा है। इसके लिए पात्र लाभार्थियों से ऑनलाइन आवेदन मांगे गए हैं।मिट्टी से जुड़े पारंपरिक कारीगरों और युवाओं के लिए अवसर
यह माटी कला कौशल विकास योजना विशेष रूप से उन लोगों के लिए है जो पारंपरिक रूप से माटी कला व्यवसाय से जुड़े हैं। योजना के तहत प्रशिक्षित व्यक्ति, युवक- युवतियां, माटी कला कारीगर और आंकड़ा संग्रहण सूची में शामिल व्यक्तियों के परिवार के सदस्य इस प्रशिक्षण के लिए आवेदन कर सकते हैं। योगी सरकार का उद्देश्य इस प्रशिक्षण के जरिए स्थानीय कारीगरों को आधुनिक बाजार की मांग के हिसाब से तैयार करना और उन्हें स्व रोजगार से जोड़ना है।
इस 15 दिवसीय विशेष प्रशिक्षण कार्यक्रम में कारीगरों को दैनिक उपयोग की आधुनिक वस्तुएं, आकर्षक सजावटी सामग्री, खिलौने और मूर्तियां बनाने की तकनीक सिखाई जाएगी। इसके अलावा मिट्टी के उत्पादों पर कटिंग, पच्चीकारी, चित्रकारी और बारीक नक्काशी जैसी विधाओं का भी व्यावहारिक प्रशिक्षण दिया जाएगा। सबसे खास बात यह है कि यह पूरी तरह से आवासीय प्रशिक्षण होगा। प्रशिक्षण अवधि के दौरान सभी प्रशिक्षार्थियों को सरकार की तरफ से प्रशिक्षण भत्ता भी प्रदान किया जाएगा।
जिला ग्रामोद्योग अधिकारी नीतू यादव ने बताया कि योगी सरकार की मंशा के अनुरूप माटीकला से जुड़े शिल्पकारों को और अधिक हुनरमंद बनाने के लिए यह कौशल विकास प्रशिक्षण आयोजित किया जा रहा है। इच्छुक अभ्यर्थी एक सप्ताह के भीतर माटीकला बोर्ड की आधिकारिक वेबसाइट upmatikalaboard.in पर जाकर अपना ऑनलाइन आवेदन कर सकते हैं। योजना से जुड़ी किसी भी प्रकार की अधिक जानकारी के लिए अभ्यर्थी जिला ग्रामोद्योग अधिकारी, आगरा के कार्यालय में आकर भी सीधे संपर्क कर सकते हैं।