आगरालीक्स…आगरा के प्रेमनिधि मंदिर में राधाष्टमी उत्सव में बही भक्तिरस की धारा. अधिकमास मनोरथ उत्सव के 23वें दिन मंदिर में हुआ स्वामिनी जी का विशेष श्रृंगार, गूंजे बधाई पद
नाई की मंडी स्थित श्री प्रेमनिधि जी मंदिर में चल रहे श्री पुरुषोत्तम (अधिकमास) मनोरथ उत्सव के अंतर्गत 23वें दिन राधाष्टमी महोत्सव श्रद्धा, भक्ति और उल्लास के साथ मनाया गया। इस अवसर पर ठाकुर श्री श्याम बिहारी जी महाराज एवं स्वामिनी श्री राधारानी जी का विशेष श्रृंगार कर मनोहारी दर्शन कराए गए। मंदिर परिसर बधाई पदों, कीर्तन और जयघोषों से गुंजायमान रहा। पुष्टिमार्गीय परंपरा में राधाष्टमी का अत्यंत विशिष्ट महत्व है। इस संप्रदाय में श्री राधा जी को केवल गोपी नहीं, बल्कि श्रीकृष्ण की आनंद शक्ति एवं स्वामिनी स्वरूप माना जाता है। वल्लभाचार्य परंपरा के अनुसार श्री राधा और श्रीकृष्ण एक ही दिव्य तत्व के दो स्वरूप हैं, जिनका प्रेम और माधुर्य भक्तों को प्रभु की कृपा से जोड़ता है।राधाष्टमी के अवसर पर ठाकुर जी एवं स्वामिनी जी का विशेष श्रृंगार किया गया। स्वामिनी जी को नूपुर, चूड़ी, नथ एवं अन्य अलंकार अर्पित किए गए। आकर्षक पुष्प सज्जा और मनोरम सेवा के मध्य श्रद्धालुओं ने दिव्य दर्शन कर धर्मलाभ प्राप्त किया। मुख्य सेवाधारी हरिमोहन गोस्वामी ने बताया कि पुष्टिमार्ग में राधाष्टमी स्वामिनी भाव का महोत्सव है। राधा जी वह दिव्य शक्ति हैं जो भक्त को श्रीकृष्ण के प्रेम और कृपा तक पहुंचाती हैं। राधाष्टमी का उत्सव भक्तों को निष्काम प्रेम और पूर्ण समर्पण का संदेश देता है। सेवा अधिकारी सुनीत गोस्वामी ने बताया कि उत्सव के दौरान बधाई पदों और कीर्तनों का विशेष आयोजन किया गया। वैष्णवों ने राधारानी के प्राकट्य उत्सव पर हर्षोल्लास के साथ बधाइयां गाईं तथा स्वामिनी जी के चरणों में अपनी श्रद्धा अर्पित की।
मंदिर में राधाष्टमी के अवसर पर अष्टसखी प्राकट्य भाव का भी स्मरण किया गया। भक्ति और माधुर्य से ओत-प्रोत वातावरण में श्रद्धालु देर तक कीर्तन एवं दर्शन का आनंद लेते रहे। महाआरती के पश्चात भक्तों को प्रसादी वितरित की गई। इस अवसर पर रीतू गोयल, आनंद कुमार गोयल, अजय गोयल, पुनीत गोयल, भक्ति गोस्वामी, वंशिका गोस्वामी, आशीष वल्लभ पचौरी, दीपक सैनी, लक्ष्य तलवानी सहित बड़ी संख्या में श्रद्धालु उपस्थित रहे।