आगरालीक्स…आगरा के इस एरिया में जिन लोगों ने प्लॉट खरीदे हैं, वहां की 46 रजिस्ट्रियां होंगी कैंसिल. अवैध रूप से बेचने का मामला सामने आया. आरोपियों पर दर्ज होगा मुकदमा
आगरा के शास्त्रीपुरम स्थित मोहम्मदपुर गांव में धोखे से जमीन खरीदने और बेचने का ऐसा मामला सामने आया है जिसने यहां प्लॉट खरीदने वाले लोगों के होश उड़ा दिए हैं. आगरा विकास प्राधिकरण की जमीन पर 46 रजिस्ट्री निरस्त होंगी. इसके लिए प्राधिकरण सिविल कोर्ट में वाद दायर करने भी जा रहा है.मीडिया रिपोर्ट के अनुसार एडीए सचिव ने बताया कि जय बजरंग सहकारी आवास समिति लिमिटेड के पूर्व और वर्तमान सचिवों ने पहले तो अधिग्रहित भूमि का मुआवजा उठाया और इसके बाद जनता को धोखा देते हुए उसी सरकारी जमीन के 46 अवैध बैनामे कर दिए. भू अर्जन विभाग की जांच रिपोर्ट में इसका खुलासा हुआ है. यह यहां 46 रजिस्ट्री को निरस्त किया जाएगा. वहीं आरोपियों के खिलाफ मुकदमा दर्ज होगा. इसकी प्रक्रिया शुरू कर दी गई है.
ऐसे हुआ घोटालामोहम्मदपुर के खसरा संख्या 208, 218, 219/1, 219/3, 220 और 278 की जमीन का अधिग्रहण सिकंदरा आवासीय योजना के लिए किया गया था. 2 दिसंबर 1991 को एडीए को इसका कब्जा भी मिल गया था. राजस्व अभिलेखों में खतौनी वर्ष 1419 से 1424 फसली में इस भूमि के स्वामी के रूप में एडीए का नाम दर्ज है. जय बजरंग सहकारी आवास समिति ने अपने हिस्से की भूमि का मुआवजा विशेष भूमि अध्याप्ति अधिकारी आगरा से प्राप्त कर लिया था. इसके बावजूद समिति के पूर्व सचिव ने लोगों से पैसे लेकर उन्हें यह जमीन बेच दी. समिति ने अर्जन प्रक्रिया शुरू होने की गजट अधिसूचना 30 जनवरी 1989 के बाद ये सभी 46 बैनामे अवैध रूप से किए जो वैधानिक दृष्टि से पूरी तरह शून्य हो सकते हैं. आगरा विकास प्राधिकरण के सचिव संजय कुमार ने बताया कि विधि विभाग से राय मांगी थी. रिपोर्ट आ गई है. अवैध रूप से हुईं रजिस्ट्री को निरस्त कराया जाएगा. आरोपियों के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी.