आगरालीक्स…आगरा में गूंजा ‘एक पेड़ मां के नाम’ का नारा, एक ही दिन में रोपे गए 53.94 लाख पौधे. पौधरोपण को जनभागीदारी से जोड़कर सामाजिक आंदोलन बनाने का किया आह्वान
उत्तर प्रदेश की योगी सरकार द्वारा पर्यावरण संरक्षण को बढ़ावा देने के लिए चलाए जा रहे 'वृक्षारोपण महायज्ञ-2026' के तहत शुक्रवार, 12 जुलाई को आगरा में वृहद स्तर पर पौधरोपण किया गया। शास्त्रीपुरम के डी ब्लॉक पार्क में आयोजित इस 'एक पेड़ मां के नाम' कार्यक्रम में केंद्रीय राज्य मंत्री प्रो. एसपी सिंह बघेल, उच्च शिक्षा मंत्री योगेंद्र उपाध्याय, नोडल अधिकारी प्रमुख सचिव डॉ. हरिओम, जिलाधिकारी मनीष बंसल, वन संरक्षक अनिल कुमार पटेल व अन्य जनप्रतिनिधियों और अधिकारियों ने अपनी गरिमामयी उपस्थिति दर्ज कराई। इस महाअभियान का मुख्य उद्देश्य प्रदेश के हरित आवरण में वृद्धि करना और रोपे गए पौधों की सुरक्षा सुनिश्चित करना है।
रोपण दिवस के साथ मनाया जाएगा पोषण दिवस
कार्यक्रम को संबोधित करते हुए केंद्रीय राज्य मंत्री प्रो. एसपी सिंह बघेल ने कहा कि पौधरोपण केवल एक सरकारी अभियान नहीं है, बल्कि यह जनभागीदारी से जुड़ा एक महत्वपूर्ण सामाजिक आंदोलन है। उन्होंने आमजन से अपने जन्मदिन और विवाह वर्षगांठ जैसे विशेष अवसरों को पौधरोपण से जोड़ने का जोरदार आह्वान किया। केंद्रीय मंत्री ने सुझाव दिया कि ‘रोपण दिवस’ के साथ- साथ ‘पोषण दिवस’ भी मनाया जाना चाहिए, ताकि लगाए गए पौधों को एक विशाल वृक्ष बनने तक सुरक्षित रखा जा सके। उन्होंने इस बात पर बल दिया कि वृक्ष पृथ्वी के आभूषण हैं और इनकी रक्षा करना हम सभी की सामूहिक जिम्मेदारी है।
प्रकृति और मातृभूमि से आत्मीय जुड़ाव है 'एक पेड़ मां के नाम'
उत्तर प्रदेश के उच्च शिक्षा मंत्री योगेंद्र उपाध्याय ने कहा कि हमारे ऋषि-मुनियों ने औषधीय पौधों पर गहन शोध कार्य किए थे। उन्होंने वन विभाग से अपील की कि वे ऐसे औषधीय और छायादार वृक्षों को अधिक से अधिक लगाएं ताकि उन्हें अगली पीढ़ी तक पहुंचाया जा सके। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री का ‘एक पेड़ माँ के नाम’ अभियान हमारी भावनात्मक परंपरा को एक आधुनिक जन आंदोलन का स्वरूप प्रदान करता है। यह अभियान हमें प्रकृति और अपनी मातृभूमि से आत्मीय रूप से जोड़ता है। वृक्षारोपण की सार्थकता तभी है, जब हम लगाए गए प्रत्येक पौधे का संरक्षण अपने परिवार के सदस्य की तरह करें।

जनपद के नोडल अधिकारी और प्रमुख सचिव व्यावसायिक शिक्षा डॉ. हरिओम ने बताया कि उ.प्र. सरकार द्वारा पूरे प्रदेश में 35 करोड़ पौधरोपण का वृहद लक्ष्य निर्धारित किया गया है। उन्होंने कहा कि वृक्षारोपण महायज्ञ केवल पौधे लगाने का कोई सामान्य अभियान नहीं है, बल्कि यह भावी पीढ़ियों के प्रति हमारी जिम्मेदारी और प्रकृति के प्रति कृतज्ञता का एक बड़ा संकल्प है। उन्होंने हर व्यक्ति से कम से कम एक पौधा लगाकर उसे संरक्षित करने का आह्वान किया। कार्यक्रम के पश्चात उन्होंने जिलाधिकारी के साथ शारदा यूनिवर्सिटी में 5 हजार पौधों का रोपण कर अभियान का शुभारंभ भी किया।
एक माह बाद चलेगा पोषण अभियान, सुनिश्चित होगी पौधों की जीवितता
जिलाधिकारी मनीष बंसल ने बताया कि जनपद का वर्तमान हरित आवरण लगभग 6.85 प्रतिशत है, जिसे बढ़ाने के लिए आगरा में 53.94 लाख पौधों का रोपण किया जा रहा है। नोडल अधिकारी के निर्देशों का पालन करते हुए, पौधारोपण के बाद सिविल सोसायटी और आमजन की समितियां गठित कर उन्हें पौधों की देखरेख की जिम्मेदारी सौंपी जाएगी। उन्होंने निर्देश दिए हैं कि जनपद में 01 माह बाद 'पोषण अभियान' और 'पोषण- डे' आयोजित किया जाएगा, जिससे रोपित पौधों की जीवितता को सुनिश्चित किया जा सके। उन्होंने स्कूली बच्चों से विशेष रूप से आग्रह किया कि वे एक से दो वर्ष तक पौधों की नियमित देखभाल करें।

विभिन्न विभागों के सहयोग से लक्ष्य से अधिक हुआ पौधरोपण
कार्यक्रम में प्रभागीय निदेशक सामाजिक वानिकी राजेश कुमार ने जानकारी देते हुए बताया कि जनपद को आवंटित 53.94 लाख के लक्ष्य के सापेक्ष विभिन्न सरकारी विभागों ने बेहतरीन कार्य किया है। ग्राम्य विकास, राजस्व, पंचायती राज, नगर विकास, लोक निर्माण और जल शक्ति विभाग समेत सभी विभागों ने निर्धारित लक्ष्य को पूर्ण करते हुए लक्ष्य से अधिक पौधरोपण किया है। इस वृहद पौधरोपण कार्यक्रम में स्काउट गाइड के स्वयंसेवकों और विभिन्न स्कूलों के छात्रों ने भी अत्यधिक उत्साह पूर्ण सहभागिता करते हुए ‘एक पेड़ माँ के नाम’ अभियान के तहत पौधे लगाए।
कार्यक्रम में स्काउट गाइड के स्वयंसेवकों एवं विभिन्न स्कूल के छात्रों द्वारा उत्साहपूर्ण सहभागिता करते हुए ‘एक पेड़ माँ के नाम’ पौधरोपण किया गया। इस अवसर पर मुख्य विकास अधिकारी प्रतिभा सिंह, अपर जिलाधिकारी प्रशासन आजाद भगत सिंह सहित विभागीय अधिकारी एवं अन्य गणमान्य जन की गरिमामयी उपस्थिति रही।