आगरालीक्स …आगरा सहित टीटीजेड में नए उद्योग खोलने को सुप्रीम कोर्ट ने मंजूरी दे दी है, अक्टूबर 2024 में टीटीजेड में उद्योग खोलने पर रोक से 410 इंडस्ट्री के आवेदन लंबित थे। कोर्ट ने निर्देश दिया है कि हर प्रस्ताव की जांच केंद्रीय अधिकारिता समिति यानी सीईसी और नेशनल एनवायरमेंटल इंजीनियरिंग रिसर्च इंस्टीटयूट यानी नीरी के विशेषज्ञों द्वारा की जाए। किसी भी तरह की आपत्ति होने पर संबंधित आवेदन को सुप्रीम कोर्ट की मंजूरी के बिना स्वीकार नहीं किया जाएगा।
ताजमहल सहित अन्य संरक्षित स्मारकों को प्रदूषण से बचाने के लिए आगरा, मथुरा, फिरोजाबाद, एटा, हाथरस और भरतपुर राजस्थान के 10400 वर्ग किलोमीटर के क्षेत्र को 1996 में टीटीजेड घोषित किया गया था। 14 अक्टूबर 2024 को सुप्रीम कोर्ट ने निर्देश दिया था कि टीटीजेड प्राधिकरण न्यायालय की पूर्व अनुमति के बिना क्षेत्र में किसी भी नए उद्योग की स्थापना या विस्तार की अनुमति नहीं देगा। इस आदेश के बाद से नए उद्योग नहीं लग पा रहे थे।
410 लंबित आवेदनों पर कार्रवाई कर सकती है टीटीजेड अथारिटी
टीटीजेड जोन में एमएसएमई की गैर प्रदूषित ईकाईयां लगाने के 410 आवेदनों के लंबित होने का मामला गुरुवार को चीफ जस्टिस सूर्यकांत, जस्टिस जोयमाल्या बाग्ची और जस्टिस वी. मोहना की पीठ के समक्ष उठाया गया। कोर्ट को बताया गया कि सुप्रीम कोर्ट ने ताजमहल को प्रदूषण से बचाने के लिए 1996 से कई प्रतिबंध लगा रखे हैं। कोर्ट ने कहा हालांकि, टीटीजेड के लिए विजन डाक्यूमेंट, प्रभाव आकलन और प्रदूषण न फैलाने वाले उद्योगों की परिभाषा पर नीरी की अंतिम रिपोर्ट सहित मुख्य अध्ययन अभी भी लंबित हैं, लेकिन इनके लंबित होने के कारण टीटीजेड अथॉरिटी को पहले से मिले आवेदनों पर विचार करने में देरी नहीं करनी चाहिए।