आगरालीक्स…आगरा में आईएसबीटी तक इसी महीने शुरू हो सकती है मेट्रो. स्टेशन तैयार, हरी झंडी मिलने का इंतजार. आईएसबीटी—सिकंदरा स्ट्रेच के लिए सिविल कार्य भी तेजी से समाप्ति की ओर
आगरा में आईएसबीटी तक मेट्रो का संचालन इसी महीने में शुरू हो सकता है. सभी पांचों स्टेशन पूरी तरह से तैयार हैं और अब सिर्फ हरी झंडी मिलने का इंतजार है। इधर उत्तर प्रदेश मेट्रो रेल कॉरपोरेशन द्वारा प्रथम कॉरिडोर के शेष एलिवेटेड भाग (आईएसबीटी से सिकंदरा) हेतु रुनकता स्थित कास्टिंग यार्ड में अंतिम यू-गर्डर की कास्टिंग का शुभारम्भ किया गया। इस दौरान आगरा मेट्रो के वरिष्ठ अधिकारीयों ने पूजा-अर्चना करने के बाद पारंपरिक तरीके से नारियल फोड़कर कास्टिंग की शुरूआत की। बता दें कि 28 मीटर लंबे इस यू-गर्डर का वजन लगभग 165 टन है।पारंपरिक गर्डर के ऊपर यू गर्डर के फायदे
यू-गर्डर के प्रयोग से न सिर्फ समय की बचत होती है बल्कि निर्माण लागत में भी कमी आती है। यह यू गर्डर पारंपरिक तौर पर प्रयोग होने वाले बॉक्स गर्डर की तुलना में ज्यादा प्रभावी एवं उपयोगी है। अंग्रेजी अक्षर 'यू' जैसा आकार होने के कारण इसके दोनों छोर पर अधिक जगह मिलती है, जिससे यहां आसानी से सिग्नलिंग उपकरण लगाये जा सकते हैं। प्रीकास्ट तकनीक के जरिए कास्टिंग यार्ड में यू-गर्डर का निर्माण किया जाता है। इसके बाद ट्रक के जरिए यू- गर्डर को साइट पर ले जाकर क्रेन की मदद से दो पिलर्स के बीच में रखा जाता है। इस तकनीक के जरिए निर्माण स्थल के आसपास राहगीरों को परेशानी का सामना नहीं करना पड़ता।
इस कॉरिडोर में 6 कि. मी. लंबे प्रायोरिटी सैक्शन में सफलतापूर्वक मेट्रो का संचालन किया जा रहा है। वहीं, आगरा कैंट से कालिंदी विहार के मध्य लगभग 16 कि.मी. लंबे दूसरे कॉरिडोर में 14 एलिवेटेड स्टेशनों का निर्माण कार्य किया जा रहा है।