आगरालीक्स…सावधान, आगरा में बिना एचएसआरपी नम्बर प्लेट व टेम्परर्ड नम्बर प्लेट, नंबर प्लेट से छेड़छाड़, नंबर छुपाने वाले वाहन होंगे सीज. पकड़े जाने पर एफआईआर भी. डीएम ने जारी किए आदेश. अवैध खनन पर भी दी चेतावनी
आगरा में कई वाहन चालक ऐसे हैं जो कि चालान से बचने के लिए अपनी गाड़ियों के नंबर मिटा देते हैं या खुरच देते हैं. इससे नंबर साफ नजर नहीं आता. इसके अलावा बिना एचएसआरपी नंबर प्लेट व टेम्परर्ड नंबर प्लेट लगाकर भी कई वाहन खूब दौड़ रहे हैं. ऐसे में इन वाहन चालकों के खिलाफ डीएम ने सख्त आदेश जारी किए हैं. मंगलवार को कलक्ट्रेट सभागार में हुई बैठक में उन्होंने इस संबंध में दिशा निर्देश दिए हैं. बैठक में जिलाधिकारी ने निर्देश दिए कि बिना एचएसआरपी नंबर प्लेट, टेम्परर्ड नंबर प्लेट, नंबर प्लेट से छेड़छाड़ करने अथवा नंबर प्लेट को ढककर चलने वाले वाहनों के विरुद्ध विशेष अभियान चलाया जाए. ऐसे मामलों में आवश्यकतानुसार एफआईआर दर्ज कराते हुए वाहनों को सीज करने, चालान एवं जुर्माने की प्रभावी कार्रवाई सुनिश्चित की जाए.
अवैध खनन पर भी कठोर कार्रवाई के निर्देश
जिलाधिकारी ने जनपद में यमुना एवं चंबल नदी क्षेत्र सहित अन्य स्थानों पर बालू, पत्थर एवं मिट्टी के अवैध खनन पर कठोर कार्रवाई के निर्देश देते हुए कहा कि बिना वैध परमिट अथवा पट्टे के खनन पूर्णतः गैरकानूनी है. अवैध खनन तथा अवैध परिवहन में संलिप्तों के विरुद्ध एफआईआर दर्ज कराकर विधिक कार्रवाई सुनिश्चित की जाए. जिलाधिकारी ने निर्देश दिए कि जनपद एवं तहसील स्तरीय संयुक्त टास्क फोर्स द्वारा 24×7 निगरानी एवं सघन जांच अभियान संचालित किया जाए. सभी खनन वाहनों का विवरण रजिस्टर में अंकित किया जाए तथा प्रतिदिन रिपोर्ट उपलब्ध कराई जाए. उन्होंने चेतावनी दी कि प्रवर्तन कार्यों में शिथिलता पाए जाने पर संबंधित अधिकारियों एवं कर्मचारियों के विरुद्ध कठोर कार्रवाई की जाएगी.
जिला खनन अधिकारी मिथलेश पांडेय द्वारा मासर्वोच्च न्यायालय के निर्देशों के अनुपालन, ड्रोन सर्वे, प्रवर्तन कार्रवाई, विभागीय समन्वय एवं पर्यावरणीय मानकों के संबंध में बताया गया. जिलाधिकारी ने निर्देश दिए कि प्रत्येक खनन अनुमति जारी करने से पूर्व संबंधित स्थल का अनिवार्य रूप से ड्रोन सर्वे एवं फोटोग्राफी कराई जाए तथा खनन कार्य पूर्ण होने के उपरांत पुनः ड्रोन सर्वे कराकर यह सुनिश्चित किया जाए कि खनन निर्धारित सीमा एवं स्वीकृत शर्तों के अनुरूप ही किया गया है. जिन खनन स्थलों पर वृक्ष विद्यमान हैं, वहां पर्यावरणीय मानकों का कड़ाई से पालन कराया जाए तथा विगत तीन माह में जारी सभी खनन अनुमतियों एवं क्लोजर रिपोर्ट की समीक्षा प्रस्तुत की जाए.
उन्होंने निर्देश दिए कि प्रत्येक खनन अनुमति की प्रति संबंधित उपजिलाधिकारी, थाना प्रभारी एवं एसीपी को उपलब्ध कराई जाए, जिससे स्थानीय स्तर पर प्रभावी निगरानी एवं अनुमति की शर्तों का अनुपालन सुनिश्चित किया जा सके. बैठक में राष्ट्रीय चंबल अभयारण्य क्षेत्र में अवैध रेत खनन एवं अवैध परिवहन की रोकथाम हेतु चिह्नित स्थलों पर सीसीटीवी कैमरों एवं कंट्रोल रूम की स्थापना की प्रगति की भी समीक्षा की गई तथा संबंधित अधिकारियों को आवश्यक निर्देश दिए गए. बैठक में ज्वाइंट मजिस्ट्रेट हेमंत कुमार, अपर जिलाधिकारी (वित्त एवं राजस्व संदीप कुमार वर्मा, जिला खनन अधिकारी मिथलेश पांडेय, डीएफओ श्री राजेश कुमार सहित संबंधित समस्त एसीपी, एसडीएम मौजूद रहे.