आगरालीक्स… ताजमहल के दीदार को आ रहे पर्यटकों को घंटों लाइन में लगना पड रहा है। क्रिसमस की छुटटी के बाद से ताजमहल में पर्यटकों की भीड उमड रही है। यहां करीब 30 हजार टिकटों की बिक्री हो रही है, एक अनुमान के मुताबिक, 50 हजार से अधिक पर्यटक ताजमहल देख रहे हैं।
क्रिसमस पर पर्यटकों की रिकार्ड भीड
आगरा में क्रिसमस पर ताजमहल देखने के लिए रिकॉर्ड पर्यटक आए, करीब 34 हजार पर्यटकों ने ताजमहल के दीदार के लिए टिकट खरीदी, उनके साथ बच्चे भी थे, जिनके लिए टिकट नहीं लेनी होती है। भीड को नियंत्रित रखने और पर्यटकों की सुविधा के लिए पुलिस फोर्स और मजिस्ट्रेट तैनात किए गए।
आगरा में तीन दिन से पर्यटकों का हुजूम लगा हुआ है, क्रिसमस की छुटटी पर शनिवार, रविवार और सोमवार को रिकॉर्ड पर्यटक ताजमहल का दीदार करने के लिए पहुंचे। सुबह से ही ताजमहल के पूर्वी, पश्चिमी और दक्षिणी गेट पर पर्यटकों की लंबी लाइन लग गई। घंटों लाइन में लगने के बाद पर्यटक ताजमहल में प्रवेश कर सके।
रिकॉर्ड पर्यटक पहुंचे
सोमवार को 28470 भारतीय पर्यटक, 4718 विदेशी और 560 सार्क देशों के पर्यटक ताजमहल का दीदार करने के लिए पहुंचे। इतनी संख्या में पर्यटकों के पहुंचने से व्यवस्थाएं चरमरा गईं, इसके बाद पुलिस फोर्स और मजिस्ट्रेट लगाए गए।
पीएम की पत्नी जशोदाबेन नहीं देख सकी ताजमहल
24 दिसंबर को आगरा आई पीएम नरेंद्र मोदी की पत्नी जशोदा बेन ताजमहल का दीदार करना चाहती थी, आगरा आने के बाद उन्होंने ताजमहल जाने का कार्यक्रम रदृद कर दिया।
पीएम नरेंद्र मोदी की पत्नी जशोदा बेन रविवार को फीरोजाबाद की मेयर नूतन राठौर के कार्यक्रम में शामिल होने के लिए आई थी। वहां से लौटते समय आगरा पहुंची, मीडिया रिपोर्ट के अनुसार आगरा निवासी प्रमोद राठौर के अलवर निवासी बहनोई नानक चंद जशोदाबेन को फीरोजाबाद लेकर आए थे। शाम छह बजे जशोदाबेन आगरा में प्रमोद राठौर के घर पहुंची।
ताजमहल देखना चाहती थी, लेकिन नहीं देख सकी
प्रमोद राठौर का कहना है कि जशोदाबेन ताजमहल देखना चाहती थी, उन्होंने पूछा कि ताजमहल कितने समय तक खुला रहता है, उन्होंने ताजमहल के बंद होने के समय की जानकारी ली और जशोदाबेन को बताया कि ताजमहल सूर्यास्त के समय 5 30 बजे बंद हो चुका है।
ताजमहल देखने दोबारा आएंगी, फतेहपुर सीकरी रुकी
ताजमहल बंद हो जाने के कारण वे ताज का दीदार नहीं कर सकी, उन्होंने कहा कि वे ताजमहल देखने के लिए दोबारा आएंगी। इसके बाद शाम 7 बजे वे अलवर के लिए रवाना हो गई। सुबह जब वे पफीरोजाबाद जा रहीं थी तो फतेहपुर सीकरी रुकी, उन्होंने चाय पी और पकौडे खाए।