आगरालीक्स…हरियाली तीज कल. शिव योग, रवि योग एवं सिद्धि योग के शुभ संयोग मे 15 अगस्त को मनाया जाएगा अखंड सौभाग्य का पर्व –
ज्योतिषाचार्य पं. हृदय रंजन शर्मा जी ने बताया की हिन्दू पंचांग के अनुसार सावन मास के शुक्ल पक्ष की तृतीया तिथि को हरियाली तीज मनाई जाती है। इस वर्ष तृतीया तिथि का प्रारंभ 14 अगस्त शाम 06:48 बजे से हो रहा है और समापन 15 अगस्त शाम 05:30 बजे तक रहेगा। उदया तिथि के नियम के अनुसार व्रत और पूजन 15 अगस्त को ही मान्य होगा। इस दिन स्वतंत्रता दिवस भी है, इसलिए इस बार तीज का उत्साह दोहरा रहेगा।
इस वर्ष 15 अगस्त को स्वतंत्रता दिवस के साथ हरियाली तीज पर शिव-सिद्धि-रवि योग का त्रिवेणी संयोग, सुहागिनों के लिए विशेष फलदायी” – ज्योतिषाचार्य पं. हृदय रंजन शर्मा जी
पंचांग के अनुसार इस दिन कई शुभ मुहूर्त बन रहे हैं, जिसमें पूजा विशेष फलदायी मानी गई है –
मुख्य मुहूर्त –
ब्रह्म मुहूर्त: सुबह 04:50 से 05:35 तक
अभिजीत मुहूर्त: दोपहर 12:17 से 01:08 तक
विजय मुहूर्त: दोपहर 02:51 से 03:42 तक
गोधूलि मुहूर्त: शाम 07:06 से 07:29 तक
चौघड़िया मुहूर्त –
शुभ – उत्तम मुहूर्त सुबह 07:29 से 09:08 तक रहेगा, जो सुहागिनों के पूजन और श्रृंगार के लिए सर्वश्रेष्ठ माना गया है।
पर्व का धार्मिक महत्व –
हरियाली तीज को श्रावणी तीज, मधुश्रवा तृतीया और छोटी तीज भी कहा जाता है। यह पर्व भगवान शिव और माता पार्वती के पुनर्मिलन का प्रतीक है।
ज्योतिषाचार्य पं. हृदय रंजन शर्मा जी के अनुसार मान्यता है कि माता पार्वती ने भगवान शिव को पति रूप में पाने के लिए 107 जन्मों तक कठोर तपस्या की थी। सावन शुक्ल तृतीया को ही भगवान शिव ने उनकी तपस्या से प्रसन्न होकर उन्हें पत्नी के रूप में स्वीकार किया था। इसलिए इस दिन सुहागिन महिलाएं पति की लंबी उम्र, सुखी दांपत्य जीवन के लिए और कुंवारी कन्याएं मनचाहा वर पाने के लिए निर्जला व्रत रखती हैं।
सावन में चारों ओर हरियाली छाई रहती है, इसी कारण इसे हरियाली तीज कहा जाता है। इस दिन हरे वस्त्र, हरी चूड़ियां, मेहंदी और झूले का विशेष महत्व है।
हरियाली तीज के दिन बन रहे दुर्लभ शुभ योग –
इस बार हरियाली तीज पर ग्रह-नक्षत्रों का ऐसा अद्भुत संयोग बन रहा है जो कई वर्षों बाद आया है। ज्योतिष के अनुसार इस दिन व्रत-पूजा का फल कई गुना बढ़ जाएगा।
इस दिन बन रहे 3 महायोग –
शिव योग: हरियाली तीज के दिन सुबह से ही शिव योग रहेगा। शिव योग में की गई शिव-पार्वती की पूजा अखंड सौभाग्य और मनोकामना पूर्ति के लिए सबसे उत्तम मानी जाती है। इस योग में किया गया संकल्प कभी खंडित नहीं होता।
सिद्धि योग: इसी दिन सिद्धि योग भी बन रहा है। सिद्धि योग का अर्थ है – कार्य सिद्ध करने वाला योग। इस योग में किया गया व्रत, दान और मंत्र जाप सिद्ध हो जाता है।
रवि योग: सभी कार्यों को शुभ और सफल बनाने वाला रवि योग भी इस दिन रहेगा। रवि योग में अशुभ नक्षत्र का दोष भी समाप्त हो जाता है।
ज्योतिषाचार्य पं. हृदय रंजन शर्मा जी के अनुसार शिवयोग + सिद्धि योग + रवि योग का यह त्रिकोणीय दुर्लभ संयोग बहुत ही शुभ माना गया है। इस कारण इस वर्ष की हरियाली तीज पर पूजा का आध्यात्मिक फल कई गुना मिलेगा।