आगरालीक्स…आगरा के एसएन में पांच मरीजों की हुई जटिल हेड एंड नेक कैंसर सर्जरी. आगरा और आसपास जिलों के मरीजों के लिए नई उम्मीद बन रहा एसएन. जटिल से जटिल सर्जरी हो रहीं निशुल्क..
आगरा का एसएन मेडिकल कॉलेज इस समय आगरा और आसपास जिलों के गंभीर मरीजों के लिए नई उम्मीद बन रहा है. एसएन मेडिकल कॉलेज में कैंसर सहित जटिल से जटिल सर्जरी की जा रही हैं. हाल ही में पहला सफल किडनी ट्रांसप्लांट भी किया गया है. ऐसे में मरीजों और तीमारदारों को अब दिल्ली, नोएडा, गुड़गांव, जयपुर आदि जैसे शहरों की ओर रुख नहीं करना पड़ेगा. आगरा के एसएन मेडिकल कॉलेज में ही जटिल से जटिल सर्जरी हो रही हैं.
दो सप्ताह में पांच गंभीर हेड एंड नेक कैंसर सर्जरी की गईं
एसएन मेडिकल कॉलेज में आंको सर्जरी एवं प्लास्टिक सर्जरी की संयुक्त टीम विगत दो सप्ताह के भीतर पांच गंभीर हेड एंड नेक कैंसर मरीजों की जटिल एवं बड़ी सर्जरी सफलतापूर्वक संपन्न कर महत्वपूर्ण उपलब्धि हासिल की है. सभी मरीजों की स्थिति वर्तमान में स्थिर है और वे चिकित्सकीय निगरानी में स्वास्थ्य लाभ ले रहे हैं. इन सभी मरीजों में कैंसर शरीर के महत्वपूर्ण हिस्सों में था और कई मामलों में व्यापक कैंसर सर्जरी के साथ-साथ जटिल Reconstruction की आवश्यकता थी. विशेषज्ञ चिकित्सकों की संयुक्त टीम ने कई घंटे तक चलने वाली इन चुनौतीपूर्ण सर्जरी को सफलतापूर्वक अंजाम दिया.
इन मरीजो की हुई सफल सर्जरी
किशन, 42 वर्ष, रायबरेली — दाहिनी तरफ के मुख का कैंसर के लिए Commando Procedure किया गया और छाती के मास से रिकंस्ट्रक्शन किया गया।
दीपक, 31 वर्ष, लोहामंडी, आगरा — Left Locally Advanced Buccal Mucosa Carcinoma के लिए कमांडो सर्जरी के साथ जबड़े को निकाला गया और बाहर की स्किन और अंदर का पुन्हे रिकंस्ट्रक्शन किया गया।
हरिकिशन, 62 वर्ष, कासगंज — आँख के पास का Basal Cell Carcinoma की सर्जरी कर निकला गया और आंख का और चेहरे का कॉम्प्लेक्स रिकंस्ट्रक्शन किया गया माथे के फ्लैप से।
मुमताज, 41 वर्ष, सेवला-रोहता — सर की चमड़ी का Squamous Cell Carcinoma था, उसका Excision with Transposition Flap Reconstruction किया गया।
रजनी, 55 वर्ष, कासगंज — Left Tongue Carcinoma के लिए जीभ को निकाला गया और पुनः बनाया गया , मरीज ठीक से बोल प रहा है और खा पा रहा है।
सर्जरी टीम में ये रहे शामिल
इन जटिल सर्जरी को सफल बनाने में आंको सर्जरी टीम में वरिष्ठ कैंसर सर्जन डॉ. वरुण कुमार अग्रवाल, डॉ. गौरव सिंह एवं डॉ. शुभजीत की महत्वपूर्ण भूमिका रही. वहीं प्लास्टिक सर्जरी टीम की प्लास्टिक सर्जन डॉ. श्रीप्रिया ने आवश्यक Reconstruction में महत्वपूर्ण योगदान दिया. जूनियर रेजिडेंट टीम में JR-2 डॉ. कोमल एवं JR-1 डॉ. हरिओम ने भी पूरी तत्परता एवं समर्पण के साथ टीम का सहयोग किया. इन पांचों ऑपरेशंस को सफलतापूर्वक अंजाम देने में संस्थान की एनेस्थीसिया टीम का महत्वपूर्ण योगदान रहा.
जानिए क्या कहते हैं चिकित्सक
कैंसर सर्जन डॉ. वरुण कुमार अग्रवाल ने बताया कि जटिल कैंसर सर्जरी में केवल कैंसरग्रस्त हिस्से को निकालना ही चुनौती नहीं होता, बल्कि उसके बाद शरीर के प्रभावित हिस्से का उचित Reconstruction करना भी उतना ही महत्वपूर्ण होता है. इन सभी मामलों में दोनों विशेषज्ञ टीमों के बेहतर समन्वय से उपचार को सफलतापूर्वक पूरा किया गया.
डॉ. डॉ गौरव सिंह ने बताया कि गौरतल कुछ वर्ष पहले तक आगरा एवं आसपास के क्षेत्रों के मरीजों को इस स्तर की जटिल कैंसर सर्जरी के लिए दिल्ली, जयपुर अथवा अन्य बड़े चिकित्सा केंद्रों का रुख करना पड़ता था. इससे मरीजों और उनके परिवारों को आर्थिक बोझ, यात्रा की परेशानी तथा मानसिक तनाव का सामना करना पड़ता था.
एस.एन. मेडिकल कॉलेज के प्रधानाचार्य डॉ. प्रशांत गुप्ता ने पूरी टीम को बधाई दी. उन्होंने कहा कि संस्थान का उद्देश्य है कि आगरा एवं आसपास के जनपदों के मरीजों को उच्च स्तरीय एवं अत्याधुनिक चिकित्सा सुविधाएं स्थानीय स्तर पर ही उपलब्ध हों. इसके लिए संस्थान में विशेषज्ञ सेवाओं और उपचार सुविधाओं को लगातार मजबूत किया जा रहा है.
सर्जरी विभागाध्यक्ष डॉ. ऋचा जयमन ने पूरी टीम को बधाई देते हुए कहा कि विभाग की प्राथमिकता है कि जटिल एवं चुनौतीपूर्ण ऑपरेशन आधुनिक तकनीक, विशेषज्ञता और बेहतर टीमवर्क के साथ संस्थान में ही किए जाएं. मरीजों को गुणवत्तापूर्ण और समुचित उपचार उपलब्ध कराना विभाग का प्रमुख उद्देश्य है.
एस.एन. मेडिकल कॉलेज में विशेषज्ञ चिकित्सकों, आधुनिक तकनीक और बेहतर चिकित्सा व्यवस्थाओं के निरंतर विस्तार के कारण अब जटिल से जटिल कैंसर सर्जरी को संस्थान में ही करने की क्षमता लगातार मजबूत हो रही है. यह क्षेत्र के मरीजों के लिए बड़ी राहत और चिकित्सा सुविधाओं के विस्तार की दिशा में महत्वपूर्ण कदम है. डॉ सुबहजीत बारीक ने बताया कि जहां ऐसे गंभीर मरीज के इलाज के लिए कॉरपोरेट और प्राइवेट सेटअप में लाखों रुपये मरीज के खर्च होते हैं, वहीं हमारे विभाग में आयुष्मान, साध्य एवं अन्य कार्ड धारक गरीब एवं जरूरतमंद मरीजों की ऐसी बड़ी सर्जरी संस्थान के सहयोग से निःशुल्क तथा सरकारी खर्चे में संपन्न कराने में सफलता मिल रही है.