आगरालीक्स…आगरा में एसएन के 8 मेडिकल छात्रों को मिली आईसीएमआर की स्टूडेंटशिप. दो बच्चों की जटिल सर्जरी कर बचाई जान…
आगरा में एसएन मेडिकल कॉलेज के एमबीबीएस 2024 बैच के 8 विद्यार्थियों ने प्रतिष्ठित ICMR-STS 2026 (Indian Council of Medical Research – Short-Term Studentship) के लिए चयनित होकर संस्थान का नाम रोशन किया है। यह सफलता SNMC में स्नातक स्तर पर शोध संस्कृति, वैज्ञानिक दृष्टिकोण और अनुसंधान को बढ़ावा देने के प्रयासों का परिणाम है। इस उपलब्धि पर प्रधानाचार्य प्रो. (डॉ.) प्रशांत गुप्ता ने कहा कि चिकित्सा शिक्षा के साथ विद्यार्थियों में शोध की भावना विकसित करना समय की मांग है। ऐसे शोध कार्यक्रम विद्यार्थियों को प्रमाण-आधारित चिकित्सा अभ्यास (evidence-based medical practice) की दिशा में आगे बढ़ने के लिए मजबूत आधार प्रदान करते हैं।
चयनित विद्यार्थी एवं उनके फैकल्टी मेंटर्स:
तुलिका पाल — डॉ. दिव्या यादव (प्रसूति एवं स्त्री रोग विभाग)
क्षितिज त्यागी — डॉ. संगीता साहू (प्रसूति एवं स्त्री रोग विभाग)
भाव्या झा — डॉ. दिव्या श्रीवास्तव (फिजियोलॉजी विभाग)
वैभव पचौरी — डॉ. मनीषा नागोरजे (सामुदायिक चिकित्सा विभाग)
तरुण तोमर — डॉ. हिमालया (सामुदायिक चिकित्सा विभाग)
रिंकी बौध — डॉ. रेनू अग्रवाल (सामुदायिक चिकित्सा विभाग)
नंदिका कर — डॉ. सर्वेश (सामुदायिक चिकित्सा विभाग)
पीयूष राज शर्मा — डॉ. प्रज्ञा शाक्य (माइक्रोबायोलॉजी विभाग)
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एसएन में रचा गया इतिहास, पहली बार हुई दो अत्यंत जटिल सर्जरी
एसएन मेडिकल कॉलेज आगरा में ने दो अत्यंत जटिल एवं दुर्लभ ऑपरेशनों को सफलतापूर्वक अंजाम देकर नया कीर्तिमान स्थापित किया है। एस.एन. मेडिकल कॉलेज में इस प्रकार की जटिल पीडियाट्रिक सर्जरी पहली बार संपन्न हुई हैं। यह ऐतिहासिक सफलता वरिष्ठ पीडियाट्रिक सर्जन (बाल रोग शल्य चिकित्सक) प्रोफेसर डॉ. राजेश गुप्ता एवं उनकी टीम के उत्कृष्ट चिकित्सीय कौशल और आधुनिक तकनीक के सटीक प्रयोग से संभव हो सकी है।
एक्टोपिक लेफ्ट किडनी में ‘लैप असिस्टेड पायलोप्लास्टी’:
जन्मजात रूप से असामान्य स्थान पर स्थित बाएं गुर्दे (एक्टोपिक लेफ्ट किडनी) और उसके अत्यधिक सूजे हुए भाग (ह्यूगली डाइलेटेड पेल्विस) से पीड़ित बच्चे का ‘लैप असिस्टेड पायलोप्लास्टी’ तकनीक से सफल ऑपरेशन किया गया। गुर्दे की बनावट और स्थिति असामान्य होने के कारण यह सर्जरी बेहद चुनौतीपूर्ण थी, जिसे वरिष्ठ पीडियाट्रिक सर्जन प्रोफेसर डॉ. राजेश गुप्ता और उनकी टीम ने पूरी कुशलता के साथ संपन्न किया।
हाई एआरएम के लिए पहली बार ‘पावर्ड स्टेपलर’ तकनीक का प्रयोग
एक अन्य जटिल मामले (हाई ए.आर.एम. – एनोरेक्टल मालफॉर्मेशन) में ‘लैप असिस्टेड पुल थ्रू’ प्रक्रिया के दौरान 360-डिग्री रोटेबल हेड वाले अत्याधुनिक ‘पावर्ड स्टेपलर’ का उपयोग किया गया। इस आधुनिक तकनीक का प्रयोग संस्थान में पहली बार हुआ है, जिसकी मदद से फिस्टुला को बांधने (लाइगेशन) का कार्य बिना किसी रिसाव (जीरो स्पिलेज) के बेहद सुगमता से पूरा हो गया।
बच्चे हुए पूरी तरह स्वस्थ, मिली छुट्टी:
सफल ऑपरेशन और निरंतर देखरेख के बाद दोनों बच्चों को पूरी तरह स्वस्थ होने पर अस्पताल से डिस्चार्ज (छुट्टी) दे दी गई है। बच्चों के पूर्णतः ठीक होने पर उनके माता-पिता अत्यंत प्रसन्न हैं और उन्होंने डॉ. राजेश गुप्ता, उनकी टीम व एस.एन. मेडिकल कॉलेज प्रशासन का हृदय से आभार व्यक्त किया है।
प्राचार्य डॉ. प्रशांत गुप्ता ने दी बधाई:
एस.एन. मेडिकल कॉलेज के प्राचार्य डॉ. प्रशांत गुप्ता ने इस ऐतिहासिक सफलता पर पीडियाट्रिक सर्जन डॉ. राजेश गुप्ता और उनकी पूरी टीम को हार्दिक बधाई दी। उन्होंने कहा कि एस.एन. मेडिकल कॉलेज में लगातार अत्याधुनिक तकनीकों का समावेश किया जा रहा है, जिससे बच्चों के जटिल से जटिल ऑपरेशनों के लिए भी मरीजों को संस्थान में ही सुरक्षित एवं उच्च स्तरीय स्वास्थ्य सुविधाएं प्राप्त हो रही हैं।