आगरालीक्स…आगरा में कान्हा के नाम की मेहंदी से रचे हाथ, वल्लभा बैंड के भजनों पर झूमा महालक्ष्मी मंदिर परिसर. कल निकलेगी भव्य निशान एवं पोशाक यात्रा, हजारों श्रद्धालु करेंगे सहभागिता
यमुना तट स्थित श्री महालक्ष्मी मंदिर परिसर में चल रहे 18वें श्री कृष्ण जन्माष्टमी महोत्सव के दूसरे दिन बुधवार को भक्ति, संस्कृति और संगीत का अद्भुत संगम देखने को मिला। संध्याकाल में आयोजित ‘कान्हा के नाम की मेहंदी’ कार्यक्रम में महिलाओं और पुरुषों ने उत्साह के साथ अपने हाथों पर कान्हा के नाम, मोरपंख, बांसुरी और राधा-कृष्ण की आकर्षक आकृतियां सजाईं, वहीं शाम को आयोजित म्यूजिक भजन कंसर्ट में अंतरराष्ट्रीय ख्याति प्राप्त वल्लभा बैंड की भक्ति प्रस्तुतियों ने श्रद्धालुओं को भावविभोर कर दिया।
श्री देवी जी ट्रस्ट एवं श्री महालक्ष्मी भक्त मंडल के संयुक्त तत्वावधान में आयोजित पांच दिवसीय महोत्सव के दूसरे दिन महिलाओं की विशेष सहभागिता देखने को मिली। रंग-बिरंगी पारंपरिक वेशभूषा में पहुंचीं महिलाओं ने भक्ति और उत्सव के रंगों को अपने हाथों पर मेहंदी के रूप में उकेरा। ‘कान्हा के नाम की मेहंदी उत्सव की मुख्य अतिथि जिला पंचायत अध्यक्ष डॉ. मंजू भदौरिया ने कहा कि महिलाओं की सहभागिता के बिना कोई भी सामाजिक, सांस्कृतिक या धार्मिक आयोजन पूर्ण नहीं हो सकता। महिलाएं परिवार और समाज में संस्कारों तथा परंपराओं को एक पीढ़ी से दूसरी पीढ़ी तक पहुंचाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाती हैं। डॉ. मंजू भदौरिया ने कहा कि श्री महालक्ष्मी मंदिर में आयोजित जन्माष्टमी महोत्सव आगरा की धार्मिक और सांस्कृतिक विरासत को समृद्ध करने वाला आयोजन है और इसमें महिलाओं की इतनी बड़ी भागीदारी इसकी सफलता का प्रमाण है।
मेहंदी उत्सव में महिलाओं ने बढ़-चढ़कर भाग लिया। किसी के हाथों पर ‘राधे-राधे’ और ‘श्याम’ के नाम अंकित थे तो कहीं मोरपंख, बांसुरी और राधा-कृष्ण से प्रेरित आकर्षक डिजाइन नजर आए। इसके बाद श्री महालक्ष्मी मंदिर परिसर में आयोजित म्यूजिक भजन कंसर्ट का शुभारंभ श्री मनःकामेश्वर मठ मंदिर के श्रीमहंत योगेश पुरी ने दीप प्रज्वलित कर किया। इस अवसर पर श्रीमहंत योगेश पुरी ने कहा कि भजन केवल संगीत नहीं, बल्कि मन को प्रभु से जोड़ने का माध्यम हैं। जब व्यक्ति श्रद्धा और समर्पण के साथ भगवान का नाम स्मरण करता है तो उसके भीतर सकारात्मक ऊर्जा और आत्मिक शांति का संचार होता है।
उन्होंने कहा कि भगवान श्रीकृष्ण का जीवन प्रेम, करुणा, धर्म और लोककल्याण की प्रेरणा देता है। आज के समय में भक्ति और आध्यात्मिकता के माध्यम से समाज को जोड़ने की आवश्यकता है। उन्होंने कहा कि ऐसे धार्मिक आयोजन हमारी सनातन संस्कृति की जड़ों को मजबूत करते हैं और युवा पीढ़ी को अपनी परंपराओं से जोड़ते हैं।
दीप प्रज्वलन के बाद अंतरराष्ट्रीय ख्याति प्राप्त वल्लभा बैंड ने म्यूजिक भजन कंसर्ट में अपनी शानदार प्रस्तुतियों से श्रद्धालुओं को भक्तिरस में सराबोर कर दिया। पारंपरिक भक्ति और आधुनिक संगीत संयोजन के सुंदर मेल ने विशेष रूप से युवाओं को भी आकर्षित किया।
श्री महालक्ष्मी भक्त मंडल के अध्यक्ष संजय अग्रवाल ने बताया कि पांच दिवसीय महोत्सव में प्रतिदिन धार्मिक एवं सांस्कृतिक कार्यक्रम आयोजित किए जा रहे हैं और शहरवासियों की उत्साहपूर्ण सहभागिता मिल रही है।
महोत्सव के आगामी कार्यक्रमों में गुरुवार को प्रातः भव्य निशान यात्रा, शाम को राधानगर से श्री महालक्ष्मी मंदिर तक 11 किलो की विशेष पोशाक यात्रा, 4 सितंबर को भव्य श्याम दरबार एवं भजन संध्या, मां महालक्ष्मी का फूल बंगला वाटिका श्रृंगार एवं छप्पन भोग, तथा 5 सितंबर को 7000 से अधिक श्रद्धालुओं के लिए विशाल शाम की रसोई आयोजित की जाएगी।
ये रहे उपस्थित
पार्षद पूजा बंसल, अध्यक्ष संजय अग्रवाल, महामंत्री मनोज जैन, कोषाध्यक्ष अशोक सिंघल, रितु अग्रवाल, आयुषी गर्ग, अंजना अग्रवाल, पिंकी अग्रवाल, रेखा अग्रवाल, रितु अग्रवाल, सुनीता मित्तल, आशा अग्रवाल, श्वेता बंसल, निर्मला अग्रवाल, ममता अग्रवाल, मनीष अग्रवाल, मोनिका अग्रवाल, गिर्राज बंसल, अजय अग्रवाल, अखिलेश गुप्ता, अमित मित्तल, दिलीप बंसल, ध्रुव गर्ग, गौरव वार्ष्णेय, हेमंत मोहता, करतार चंद्र शास्त्री, मनोज जैन, केएल अग्रवाल, मनीष सिंघल, मनीष गोयल, मुकेश गुप्ता, पवन जैन, राकेश अग्रवाल, राकेश अग्रवाल, सुमित बंसल, तनु गुप्ता, विष्णु अग्रवाल, विष्णु गर्ग आदि उपस्थित रहे।