आगरालीक्स… आगरा में जयपुर रिसायत की जमीन को राजस्थान मंडपम बनाने के लिए वापस मांगा है। इस जमीन पर बनी जयपुर हाउस कॉलोनी में 40 रुपये गज के रेट से प्लाट बेचे गए थे।
राजस्थान सरकार ने यूपी सरकार से आगरा, मथुरा, प्रयागराज और वाराणसी में मौजूद जयपुर रियासत की जमीन पर मालिकाना हक मांगा है। जयपुर रियासत के राजा जय सिंह के विश्राम गृह जिसकी 100 बीघा जमीन, दो कोठियां हैं वहां जयपुर हाउस कॉलोनी विकसित की जा चुकी है। इसके साथ ही जयपुर रियासत ने बिहारी जी और सदाशिव मन: कामेश्वर मंदिर के साथ सड़क का हिस्सा भी उत्तर प्रदेश सरकार से मांगा है।
1973 में नगर महापालिका ने जयपुर हाउस कॉलोनी में बेचे थे 350 प्लाट
नगर महापालिका ने 1973 में जयपुर हाउस कॉलोनी के 350 प्लाट बेचे थे। इसके लिए 40 रुपये प्रति गज के रेट रखे गए थे इस सेल डीड में जमीन का ब्योरा नहीं दिया गया था कि नगर महापालिका ने यह जमीन किससे खरीदी है।
जयपुर रियासत की जमीन को राम सिंह की छावनी के नाम से भी जानते थे
इतिहासकार राज किशोर राजे का मीडिया से कहना है कि आगरा में जयपुर रियासत के साथ ही भरतपुर, धौलपुर, अवागढ़ सहित अन्य रियासत के विश्राम गृह थे। जयपुर रियासत की संपत्ति लोहामंडी खतैना से सराय मलूकचंद के बीच में थी। करीब छह किलोमीटर दूरी तक रियासत की मुगल काल में थीं, इसमें 15 हजार लोग रहते थे। इसे राम सिंह की छावनी के नाम से जाना जाता था। राम सिंह राजा जय सिंह के पुत्र थे।
टीम अभिलेख खंगालने में जुटी
एडीएम प्रशासन आजाद भगत सिंह के अनुसार, एसडीएम सदर की अध्यक्षता में कमेटी बनाई गई है, टीम जिन संपत्तियों को जयपुर रियासत का बताया गया है उसके अभिलेख तलाशने में जुटी हुई हैं। नगर निगम में भी अभिलेख तलाशे जा रहे हैं।