आगरालीक्स..प्यारी झूलन पधारो, झुकि आए बदरा..आगरा में श्रीमद्भागवत सप्ताह सत्संग में मनाया झूलन महोत्सव. कान्हा को झुलाने उमड़े श्रद्धालु
समन्वय सेवा समिति की ओर से श्रीमद्भागवत सप्ताह सत्संग के अंतर्गत झूलन महोत्सव का आयोजन शास्त्रीपुरम स्थित अमल गार्डन में किया गया। श्रद्धालुओं ने भक्ति भाव से कान्हा जी को झूले में झुलाया और भजनों के बीच झूलन महोत्सव का आनंद लिया। कथा वाचक नीरज नयन महाराज ने कथा के दूसरे दिन भगवान के विराट स्वरूप का वर्णन करते हुए कहा कि समस्त सृष्टि भगवान की विराट सत्ता में समाहित है। पृथ्वी उनके चरणों में, आकाश उनके शरीर में, सूर्य और चंद्रमा उनके नेत्रों के समान तथा समस्त जीव-जगत उनकी दिव्य शक्ति का स्वरूप है। भगवान के विराट स्वरूप का दर्शन मनुष्य को यह अनुभूति कराता है कि संसार में कोई भी वस्तु परमात्मा से अलग नहीं है। बालक ध्रुव ने कठिन परिस्थितियों में भी अपने संकल्प को नहीं छोड़ा और भगवान श्रीहरि की कठोर तपस्या कर उनकी कृपा प्राप्त की। ध्रुव की अटूट भक्ति और दृढ़ संकल्प प्रत्येक व्यक्ति को अपने लक्ष्य के प्रति समर्पित रहने की प्रेरणा देता है। कथा के दौरान ‘तेरी चितवन, तेरी चाल निराली’, ‘राधा रमण तोपे जाऊं बलिहारी’ और ‘प्यारी झूलन पधारो, झुकि आए बदरा’ जैसे भजनों पर श्रद्धालु भाव-विभोर होकर उठे। कथा के दैनिक यजमान डॉ. योगेश बिंदल एवं अल्का बिंदल रहे। समापन पर आरती मातृशक्ति को समर्पित रही, जिसमें महिलाओं ने बारी-बारी से महापुराण की आरती की। कथा संयोजक विराज गहराना, डॉ. विकास कुलश्रेष्ठ व तुषार रंजन ने बताया कि कथा में प्रह्लाद चरित्र और गजेंद्र मोक्ष प्रसंग के साथ नौका विहार उत्सव का आयोजन किया जाएगा। कथा प्रतिदिन दोपहर 3 बजे से शाम 6 बजे तक होगी।
पितरों का तर्पण करना चाहिए
कथावाचक नीरज नयन महाराज ने श्राद्ध पक्ष के महत्व पर प्रकाश डालते हुए कहा कि प्रत्येक व्यक्ति को अपने पितरों के निमित्त श्रद्धा और तर्पण करना चाहिए। उन्होंने कहा कि जो लोग किसी कारणवश विधिवत श्राद्ध नहीं कर पाते, वे गौसेवा के रूप में गाय को हरा चारा खिलाकर भी श्रद्धा व्यक्त कर सकते हैं। इस अवसर पर महंत निर्मल गिरी, वीना लवानिया, श्रद्धा गागले, कमलेश कुलश्रेष्ठ, अंजुल कुलश्रेष्ठ, अजय, अमल, शुभम, कुलदीप, कृति, पूजा, गरिमा, मोनिका, समीक्षा, सोनाक्षी आदि मौजूद रहे।