आगरालीक्स…आगरा के माही इंटरनेशनल स्कूल में गांधी जयंती के उपलक्ष्य पर चला स्वच्छता अभियान…विद्यालयों को बताया स्वच्छता का महत्व..
माही इंटरनेशनल स्कूल में गांधी जयंती के उपलक्ष्य में 1 अक्टूबर 2026 को वार्षिक स्वच्छता अभियान आयोजित किया गया। विद्यालय की 12 वर्षों से चली आ रही इस परंपरा में सभी विद्यार्थियों एवं स्टाफ सदस्यों ने उत्साहपूर्वक भाग लेकर राष्ट्रपिता महात्मा गांधी के स्वच्छता संबंधी विचारों को व्यवहार में उतारने का संदेश दिया। अभियान का शुभारंभ विद्यालय परिसर स्थित मातारानी मंदिर से हुआ। इसके पश्चात विद्यार्थियों और स्टाफ सदस्यों ने टीम भावना के साथ पूरे परिसर की व्यापक साफ-सफाई की। स्वागत कक्ष, प्रयोगशालाओं, खेल मैदानों, पुस्तकालय, स्टूडियो, इंडोर स्पोर्ट्स कॉम्प्लेक्स, गलियारों, कैफेटेरिया और कक्षाओं सहित विद्यालय के प्रत्येक भाग को व्यवस्थित एवं स्वच्छ बनाया गया। विद्यार्थियों ने मेज-कुर्सियों, खिड़कियों, बोर्ड, रैक और पंखों तक की सफाई पूरी लगन एवं जिम्मेदारी के साथ की। उनके सामूहिक प्रयासों से संपूर्ण विद्यालय परिसर स्वच्छ, सुव्यवस्थित और आकर्षक दिखाई दिया। विद्यार्थियों की सक्रिय भागीदारी ने स्पष्ट किया कि यह अभियान केवल औपचारिक गतिविधि नहीं, बल्कि स्वच्छता के प्रति उनकी सच्ची प्रतिबद्धता का परिचायक था।
विद्यालय के चेयरमैन संजय अगरवाल ने कहा कि स्वच्छता केवल एक दिन का अभियान नहीं, बल्कि दैनिक जीवन का आवश्यक संस्कार और प्रत्येक नागरिक की जिम्मेदारी है। ऐसी गतिविधियां विद्यार्थियों में श्रम की गरिमा, अनुशासन, सहयोग, पर्यावरण के प्रति सम्मान और सामाजिक उत्तरदायित्व की भावना विकसित करती हैं।
इस अभियान के माध्यम से माही इंटरनेशनल स्कूल ने महात्मा गांधी को सच्ची श्रद्धांजलि अर्पित करते हुए ‘स्वच्छ परिसर, स्वस्थ जीवन और जिम्मेदार नागरिकता’ का प्रभावशाली संदेश दिया।
वृंदावन में संत प्रेमानंद के शिष्य रसिक दुलारी शरण की मौत के बाद आश्रमों में हलचल मची हुई है। इसके बाद संत प्रेमानंद के शिष्यों की फाइनल दीक्षा और समय-समय पर शिष्यों के दर्शन पर भी अनिश्चितकाल के लिए रोक लगा दी है। इतना ही नहीं अब वृंदावनवास कर रहे दीक्षा पा चुके शिष्यों के लिए नियम कड़े कर दिए हैं। ड्रेस कोड में भी बदलाव किया गया है। फाइनल दीक्षा और उपस्थिति पर लगी रोक एवं संत दर्शन न मिलने से विभिन्न शहरों से आ रहे श्रद्धालु निराश होकर लौट रहे हैं।
वराह घाट क्षेत्र स्थित जिस भवन में संत प्रेमानंद के शिष्यजन रह रहे हैं, उसकी चौथी मंजिल से गिरकर संत प्रेमानंद महाराज के शिष्य रसिक दुलारी शरण की संदिग्ध परिस्थिति में मौत हो गई। आश्रम की व्यवस्था में कई बड़े बदलाव किए गए हैं। इसे लेकर सोशल मीडिया पर ब्रज संत महिमा के प्लेटफार्म पर पोस्ट डालकर जानकारी साझा की है। हालांकि इसे श्रीहित केलिकुंज आश्रम की अधिकृत पोस्ट नहीं बताया है। लेकिन इसमें दी कुछ बातों की पुष्टि की है।
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केलिकुंज के पूछताछ केंद्र पर तैनात सेवक ने बताया कि जहां संत द्वारा दी जाने वाली फाइनल दीक्षा देने एवं एक निश्चित पर श्रद्धालुओं की होने वाली उपस्थिति पर भी अनिश्चितकाल के लिए रोक लगा दी है। यह प्रतिबंध एक अक्तूबर से लागू किया जाएगा। संत आश्रम के साधक की संदिग्ध परिस्थिति में मौत के मामले में लोगों की प्रतिक्रियाएं सामने आ रही हैं। इसी वजह से नकारात्मक टिप्पणी भी देखने को मिल रही हैं। इसे देखते हुए विशेष रूप से वृंदावनवास कर रहे दीक्षित शिष्यों के पहनावे और मर्यादा संबंधी नियमों में बदलाव किया गया है, जिसमें अब शिष्य पीले और सफेद रंग की पहनावा न पहनकर आमजन जैसे वस्त्रों में रहेंगे। सिर्फ साधक और संत के निजी सेवक ही सफेद और पीले रंग के कपड़ों में रहेंगे। संत फिलहाल मांट के बेलवन स्थित आश्रम में एकातंवास में हैं।