आगरालीक्स… आगरा में कारोबारी ने अपने बेटे और नाती के साथ सुसाइड कर लिया, एक कंबल में तीनों पीढी ने अंतिम सांस ली। गंगा के किनारे ऋषिकेश में तीनों के शव मिले हैं, एक साथ तीनों की मौत की सूचना पर स्थानीय लोगों की भीड लग गई।
ऋषिकेश में शुक्रवार की सुबह गीता भवन घाट नंबर 1 पर एक कंबल में तीन शव मिले थे, इसमें से एक शव की शर्ट के कॉलर पर मनोज ट्रेलर नगला पदी आगरा लिखा था, थाना न्यू आगरा पुलिस तीनों म्रतकों के फोटो लेकर पहुंची। यहां स्थानीय लोगों ने उनकी पहचान आगरा के न्यू आगरा क्षेत्र में जागेश्वर नगर की गली नंबर पांच निवासी चांदी कारोबारी लखन लाल वर्मा, उनके बेटे और नाती के रुप में की। रात नौ बजे पुलिस के साथ स्थानीय लोग लखन लाल वर्मा के घर पहुंचे। दरवाजा खटखटाया। उनकी पत्नी बेबी बाहर आईं।
एक साथ निकले थे घर से
स्थानीय लोगों ने ने बताया कि लखनलाल वर्मा के तीन बच्चे थे। सुमित, दीपक और बेटी ज्योति थी। ये 25 साल पहले माईथान इलाके से जागेश्वर नगर आया था। छह माह पहले ही मकान को दोबारा बनवाया था। लगभग पांच साल पहले बड़े बेटे सुमित की संदिग्ध हालात में मौत हो गई थी। वह विवाहित था। उसकी ससुराल भरतपुर में थी। सुमित की मौत ससुराल में ही हुई थी। उसकी मौत के बाद बहू ने ससुरालीजनों पर केस कर दिया। खुद दूसरी शादी रचा ली। सुमित का बेटा हर्ष बाबा के साथ रहता था। बाबा और चाचा का दुलारा था। वह उसे अकेला नहीं छोड़ते थे। हर्ष की परवरिश के चक्कर में दीपक ने अपनी शादी नहीं की थी।
तांत्रिक के चक्कर में पड गई थी लखन लाल वर्मा की पत्नी
बस्ती की महिलाओं ने बताया कि लखन लाल वर्मा की पत्नी बेबी बड़े बेटे की मौत का सदमा बर्दाश्त नहीं कर पाईं। दिमागी संतुलन बिगड़ गया। अब तांत्रिकों के चक्कर में रहती हैं। किसी पर भरोसा नहीं करती हैं। पति और बेटा उनकी हरकतों से परेशान थे। उन्हें समझाया करते थे। इस बात पर घर में आए दिन झगड़ा भी हुआ करता था।
रूम नहीं मिला तो लिए कंबल
पुलिस को शवों के पास से 10,045 रुपये कैश, कटरा वैष्णोदेवी श्राइन बोर्ड, हर की पेड़ी हरिद्वार में किए दान की पर्चियां मिली है। मरने वालों के मुंह और नाक से झाग निकला रहे थे। छानबीन में जानकारी मिली कि गुरुवार रात तीनों गीताभवन आश्रम में रूम लेने गए थे। कोई आईडी नहीं होने से रूम नहीं मिल सका। उन्होंने गीता भवन से दो कंबल किराए पर लिए और घाट पर जाकर सो गए थे।