आगरालीक्स.. आगरा में सडक पर उतरे लोगों ने कहा कि दो सांसद, नौ विधायक और एक मेयर, आगरा विकास की ओर या विनाश की ओर। शहरवासी बोले जागिए जनाब, आगरा शहर शतरे में है। ताज फल फूल रहा है लेकिन शहर के युवा पलायन कर रहे हैं। उद्योगों को खत्म करने की साजिश की जा रही है जबकि यमुना सीधे गिरते नाले, एक बारिश में हर साल खड़ने वाली सड़के, ट्रैफिक बेरोक-टोक प्रदूषण फैला रहे हैं। यही हाल रहा तो वह दिन दूर नहीं जब ताज नगरी भूतिया शहर में तब्दील हो जाएगी। उद्योंग बंद हुए तो शहर के लाखों लोग बेरोजगार हो जाएंगे। शहरवासियों को ऐसा ताज नहीं चाहिए जो लोगों के पेट को रोटी के लिए मोहताज कर दे।

कुछ ऐसी ही पीड़ा साथ लिए हुए शहर के 20 औद्योगिक व व्यवसायिक संगठन के हजारों सदस्य आज पर्यावरण उद्योग व रोजगार संरक्षण समिति के संयोजक राकेश गर्ग व राजीव मित्तल के नेतृत्व में टीटीजेड विजन डॉक्यूमेंट के ड्राफ्ट के खिलाफ सड़कों पर निकलने को मजबूर हो गए। जिसमें ताज नगरी के उद्योगों पर लटक रही तलवार के खिलाफ सूरसदन से एमजी रोड, यूथ हॉस्टल होते हुए शहीद स्मारक पर जब उद्योगपतियों का काफिला पहुंचा तो हर की अपना काम छोड़कर कारण जानने का प्रयास करने लगा। शहीद स्मारक पर शहीदों को नमक कर कैंडिल जलाई व शासन प्रसासन को सतबुद्दि देने की प्रार्थना की। शहीद स्मारक पर गोष्ठी का आयोजन किया गया। इस अवसर पर मुख्य रूप से समिति के संयोजक राकेश गर्ग, राजीव तिवारी, अमर मित्तल, केशो मेहरा, राजेश गोयल, अशोक गोयल, सुनील, भुवेश अग्रवाल, राजीव बंसल, केसी जैन, उमेश शर्मा, विजय गुप्ता, गिरीश अग्रवाल, रजत अस्थाना, पारस अग्रवाल, अतुल गुप्ता, रमेश वाधवा, डॉ. मुनीश्वर गुप्ता, नजीर अहमद आदि मौजूद थे।

सांसद रामशंकर कठेरिया व एडीएम सिटी को सौंपा ज्ञापन
प्रधानमंत्री के नाम संबोधिक ज्ञापन समिति के सदस्यों ने सांसद प्रो. रामशंकर कठेरिया व एडीएम सिटी को सौंपा। सांसद रामशंकर कठेरिया ने उनकी आवाज ऊपर तक पहुंचाने का आश्वासन देते हुए कहा कि वह हमेशा शहर के विकास के हित में लोगों के साथ खड़े रहे हैं। उन्होंने हर सम्भव सहयोग का प्रयास दिलाया।
किसने क्या कहाः
राकेश गर्गः
विषय प्रवर्तन करते हुए लघु उद्योग भारती के प्रदेशाध्यक्ष व समिति के संयोजक राकेश गर्ग ने कहा कि शहरके उद्योगों पर बेवजह प्रदूषण फैलाने का कलंक लगाया जा रहा है। यदि नीरी से जांच कराई जाए तो दूध का दूध और पानी का पानी हो जाएगा कि कौन कितना प्रदूषण फैला रहा है।
केशो मेहराः
पूर्व विधायक केशो मेहरा ने कहा कि एमसी मेहता व उनकी याचिका को आड़े हाथों लेते हुए कहा कि सुप्रीम कोर्ट ने भी यह माना था कि देश के विकास के लिए डस्ट्रीयल ग्रोथ जरूरी है। जब 1996 से की प्रदूषणकारी उद्योग ताजनगरी में लगा ही नहीं और 2001 से कोयले की जगह गैस का प्रयोग शुरू हो गया तो फिर प्रदूषण उद्योग कैसे फैला रहे हैं?
राजीव तिवारी
नेशनल चैम्बर के अध्यक्ष राजीव तिवारी ने कहा कि आज 20 अधिक संस्थाएं शहर के गैर प्रदूषणकारी उद्योगों को बचाने के लिए एकजुट हुई हैं। उद्देश्य पूरा न होने तक लड़ाई जारी रहेगी। जरूरत पड़ी तो सड़कों पर उतरकर दोलन किया जाएगा।
अमर मित्तल
अमर मित्तल ने कहा कि यदि प्रदूषण रोकना है तो सरकार और प्रशासन उद्यगों को बंद कराने के बजाय बैराज बनाने, ट्रैफिक व्यवस्था सुधारने, रिंग रोड, सड़कों को महीनों उखड़ी पड़ी रहने पर धूल ड़ने जैसी समस्याओं पर ध्यान दे।
उमेश शर्मा
पर्यावरविद् उमेश शर्मा ने कहा कि पर्यावरण को स्वस्छ बनाए रखने के लिए यह जरूरी नहीं कि उद्योगों को बंद किया जाए। तकनीकि तरीके से प्लानिंग की जाए तो दोनों काम एक साथ हो सकते हैं।
केसी जैनः
उद्योग नहीं होंगे तो शहर के युवाओं को रोजगार भी नहीं मिलेगा। कोई उद्योग वायु प्रदूषण नहीं फैला रहा है। यह बात कई सर्वे में स्पष्ट हो चुकी है।
एएस रानाः
एफमेक के एएस राना ने कहा कि यदि सुप्रीम कोर्ट की मोहर विजन डॉक्यूमेंट पर लगती है तो आगरा में जूता उद्योग बर्बाद हो जाएगा। शहर की लगभग 20 प्रतिशत जनता इस उद्योग से प्रत्यक्ष व अप्रत्यक्ष रूप से जुड़ी है। विजन डॉक्यूमेंट के ड्राफ्ट के हिसाब से से यहां सिर्फ जूते का अपर बन सकेगा।
पारस अग्रवालः
आटोमोबाइल उद्योग से जुड़े 30 हजार परिवार बेरोजगार हो जाएंगे। सरकार उद्योगों को खत्म करने के बजाय रिंग रोड, सीवेज, बाईपास जैसी समस्याओं पर ध्यान दे।
रजत अस्थानाः
आगरा खतरे में है। उद्योग बंद हो गए तो ताज नगरी भूतिया शहर हो जाएगा। ताज सभी को प्यारा है। लेकिन बिना उद्योग के कोई देश तरक्की नहीं कर सकता। लड़ाई लम्बी है, विभिन्न मंचों से अपनी बात को कहते रहिए।
प्रह्लाद अग्रवाल
स्मार्ट सिटी के ऑफिस में बैठकर तैयार किया गया है विजन डॉक्यूमेंट। एसी कमरे में बैठकर धरातल के सत्य को नहीं समझा जा सकता। ताजमहल फल फूल रहा है और शहर के युवा बेरोजगारी के कारण पलायन कर रहे हैं।
ये थे नारे
-गलती किसी की दंड किसी का नहीं चलेगा, नहीं चलेगा
2-विकास अगर चाहिए, उद्योग मत हटाइये।
3-ताज बचाओ, उद्योग बचाओ, रोजगार बचाओ।
4-ताज जरूरी है पर उद्योग विकास की धुरी है।
5-उद्योगों के साथ न्याय करो न्याय करे।
6-ताज हमारी जान है, उद्योग हमारी शान है।
इन संगठनों ने लिया भाग
1-लघु उद्योग भारती, यूपी डीजल इंजन मैन्यूफैक्चरिंग एसोसिएशन, लघु उद्योग भारती मथुरा, इंजीनियरिंग कॉम्पोनेंट मैन्युफैक्चरिंग एसोसिएशन, फैक्ट्री ऑनर एसोसिएशन नुनिहाई, आगरा ऑटोमोबाइल्स डीलर एसोसिएशन, एक्सपोर्ट प्रमोशन इंडस्ट्रियल पार्क, आगरा मार्बल एसोसिएशन, आगरा ट्यूरिस्ट वेलफेयर चैम्बर, संजय प्लेस कम्प्यूटर एसोसिएशन, नेशनल चैम्बर ऑफ इंडस्ट्रीज एंड कॉमर्स, आगरा आयरल फाउंड्रीज एसोसिएशन, आगरा कोल्ड स्टोरेज ऑनर्स एसो, आगरा फुटवेयरमेन्युफेक्चर्स एंड एक्सपोर्टरस चैम्बर, रेडिको, सिकन्दरा फैक्ट्री ऑनर्स एसो, फाउंड्री नगर उद्योग संघ, होटल एंड रेस्टोरेन्ट ऑनर्स एसो, एसो चेम, क्रेडाई व आगरा व्यापार मंडल।