आगरालीक्स…बेतहाशा गर्मी में बर्फ भी महंगी हो गई है, इसका असर जूस, कोल्ड जैसे शीतल पेय समेत ठंडे पानी की बोतल तक है, बिना बर्फ वाले जूस—लस्सी भी आफर में
आगरा में मई के महीने से ही पारा सातवें आसमान में है। बेतहाशा गर्मी में बर्फखानों में सिल्लियों की मांग बढ़ी हुई है। सामान्य दिनों में 100 से 150 रुपये में मिलने वाली सिल्ली की कीमत इन दिनों 250 से 300 रुपये सिल्ली तक पहुंच गई है। इसका सबसे ज्यादा असर जूस, लस्सी, कोल्ड ड्रिंक, बोतल का पानी ठंडा करने समेत सब्जी, फल और दुग्ध उत्पाद बेचने वालों पर है।
भीषण गर्मी में भारी मांग और उत्पादन लागत बढ़ने से बर्फ की सिल्ली की कीमतें 30 से 50 प्रतिशत तक बढ़ गई हैं। आमतौर पर 150-200 रूपये में मिलने वाली 50 किलो की सिल्ली अब कई इलाकों में 250 से 300 रूपये तक बिक रही है।
बर्फ की कीमतों में उछाल और इसके पीछे के मुख्य कारण मांग और आपूर्ति में भारी अंतर, चिलचिलाती धूप और हीटवेव के चलते शादी—पार्टी समेत छोटे—छोटे आायोजनों, जूस, लस्सी, शिकंजी, कोल्ड ड्रिंक, ठंडे पानी की दुकानों आदि पर बर्फ की खपत कई गुना बढ़ गई है, जिसके मुकाबले उत्पादन सीमित है। इसके अलावा इसके उत्पादन का खर्च भी इन दिनों काफी बढ़ जाता है, जिसका सीधा असर इसके दामों पर है।
बल्केश्वर में शीतल पेय पदार्थ विक्रेता राजा ने बताया कि अब बर्फ की सिल्ली के दाम काफी बढ़ गए हैं। मई के महीने में यह 150 रूपये में मिल रही थी वहीं अब इसकी कीमत 250 से 300 रूपये तक पहुंच गई है।
कमला नगर में एक जूस कारोबारी ने बताया कि अक्सर लोग हमसे कहते हैं कि बर्फ ज्यादा मत मिलाओ, मगर अब हम उनसे कह रहे हैं कि अगर आप चाहें तो हम इसे बिलकुल भी जूस में न डालें। मगर लोगों को ठंडा भी चाहिए। वे कहते हैं कि जूस वालों की यह एक बहुत ही आम और चालाक ट्रिक मानी जाती है। लोगों को लगता है कि बर्फ पिघलकर जूस की मात्रा को बढ़ा देती है, जिससे उन्हें फलों का असली जूस कम इस्तेमाल करना पड़ता है और दुकानदार का मुनाफा बढ़ता है।
संजय प्लेस में एक बर्फ विक्रेता ने बताया कि बर्फ की यह कीमतें अप्रैल और मई में सहालग से ही बढ़ना शुरू हो गई थीं। गर्मी की शादियों में डिमांड काफी बढ़ जाती है और इसके अलावा कई तरह के आयोजन होते हैं जिसमें लोग शरबत आदि की प्याउ लगाते हैं। दूसरी ओर जूस, लस्सी समेत शीतल पेय के छोटे कारोबारी भी सुबह ही बर्फखानों पर पहुंच जाते हैं।