आगरालीक्स.. आगरा से उत्तराखंड की राज्यपाल बनी बेबीरानी मौर्य का स्वागत करने पर पार्टी से तीन पदाधिकारियों को निष्कासित कर दिया है, इससे बसपा में खलबली मची हुई है। स्पष्ट निर्देश दिए गए हैं कि बसपा के वोट बैंक में सेंध लगाने वालों के साथ खडे होने पर भी पार्टी से निष्कासित कर दिया जाएगा।
रविवार को आगरा के कालिंदी विहार स्थित बसपा के मंडल कार्यालय पर बैठक में
राजस्थान व आगरा अलीगढ मंडल के जोनल कोआॅर्डिनेटर मुनकाद अली व उत्तराखंड एवं आगरा-अलीगढ़ के जोनल कोर्डिनेटर सुनील चित्तौड़ ने कहा कि हाथरस के तीन पदाधिकारियों को पार्टी से निष्कासित कर दिया गया है, इसे सुन कार्यकर्ता सन्न रह गए, इसके बाद कहा कि अलीगढ से पूर्व विधायक को पार्टी से निष्कासित कर दिया है। जबकि आगरा अलीगढ मंडल के जोन प्रभारी हेमंत प्रताप सिंह को अनुशासनहीनता में पार्टी के सभी पदों से हटा दिया गया है।
राज्यपाल बेबीरानी मौर्य का स्वागत करने पर हटाया
आगरा से भाजपा से मेयर रहीं बेबीरानी मौर्य को बीजेपी सरकार ने उत्तराखंड का राज्यपाल बनाया है, वे एससी वोट बैंक को एकजुट करने में लगी है। इसी के तरत पिछले दिनों हाथरस में राज्यपाल बेबीरानी मौर्य का स्वागत किया गया, यह स्वागत बसपा के तीन पदाधिकारियों द्वारा कराया गया था। इस मामले में पार्टी नेहाथरस के मंडल जोन इंचार्ज लल्लन बाबू, हाथरस के जिला म़हासचिव जेपी सागर, जिला प्रभारी डॉरु आरपी गोला का निष्कासन किया गया है।
पूर्व विधायक को भी हटाया
अलीगढ़ के पूर्व विधायक जमीरउल्ला खां को भी पार्टी विरोधी गतिविधियों के कारण बाहर का रास्ता दिखाया गया। आगरा अलीगढ़ जोन के मुख्य जोन इंचार्ज हेमंत प्रताप सिंह को अनुशासनहीनता में पदमुक्त किया गया है।
पूर्व विधायक बैठक में नहीं पहुंचे
बसपा के पूर्व विधायकों में ठाकुर सूरजपाल ही पहुंचे, अन्य पूर्व विधायक बैठक में नहीं आए, इसे लेकर भी चर्चाएं चल रहीं हैं।