आगरालीक्स …आगरा में एससी एसटी एक्ट का खुलकर विरोध हो रहा है, एक सडक का उदघाटन करने गए सांसद व एससी आयोग के अध्यक्ष डॉ राम शंकर कठेरिया को काले झंडे दिखाए, मुर्दाबाद के नारे लगाने के साथ डॉ कठेरिया का विरोध किया। मामला गर्माने पर पुलिस ने दो युवकों को हिरासत में ले लिया, इसके विरोध में तमाम लोग थाने पर पहुंच गए। पुलिस को हिरासत में लिए गए दोनों युवकों को छोडना पडा।

एससी एसटी एक्ट में तुरंत अरेस्ट करने का विरोध तेज होता जा रहा है। आगरा में शनिवार को सांसद व एससी आयोग के अध्यक्ष डॉ राम शंकर कठेरिया खंदौली के गांव सेमरा में जिला पंचायत द्वारा बनाई गई सडक का उदघाटन करने के लिए गए थे। उनके सेमरा में पहुंचते ही लोग काले झंडे दिखाकर नारेबाजी करने लगे। इसमें अधिकांश युवा थे, उन्होंने सांसद कठेरिया द्वारा सडक का उदघाटन करने का भी विरोध किया। हंगामा होने पर ग्रामीण भी आ गए, लोगों ने एससी एसटी एक्ट के विरोध में नारेबाजी की, मुर्दाबाद के नारे लगाए।
थाने पहुंचकर बोले, हमें भी कर लो अरेस्ट
मामला गर्माने पर पुलिस ने दो युवकों को हिरासत में ले लिया। वहीं, एससी आयोग के अध्यक्ष डॉ राम शंकर कठेरिया भी वहां से चले आए। पुलिस युवकों को थाना खंदौली ले आई, यहां बडी संख्या में स्थानीय लोग आ गए। पुलिस से कहा कि उन्हें भी अरेस्ट किया जाए, उन्होंने भी काले झंडे दिखाए थे, भीड बढने पर पुलिस ने हिरासत में लिए दोनों युवकों को छोड दिया।
सर्वसमाज सांसदों को हराने के लिए करेगा वोट
1 अक्टूबर 2018 को आगरा में एससी एसटी एक्ट के विरोध को लेकर सर्वसमाज का बडा ऐलान किया, कहा कि सांसदों ने लोकसभा में एक्ट के पक्ष में बटन दबाया, अब 2019 के चुनावों में सर्वसमाज का प्रत्येक सदस्य उन्हें हराने के लिए बटन दबाएगा। इसके लिए 15 अक्टूबर से रणनीति तैयार करना प्रारम्भ हो जाएगा। जाति के आधार पर देश को बांटने में मदद करने वाले सांसदों से न तो उद्घाटन कराएं और न ही उनका निमंत्रण स्वीकार करें। सर्व समाज का हर सदस्य वोटों की राजनीति करने वाले सांसदों का बहिष्कार करे। देश में परिवर्तन धन्नासेठ नहीं आम जनता के आंदोलन से होता है। समाज को बांटने वाला नहीं बल्कि निष्पक्ष भाव से सर्वसमाज के हित और विकास की बात करने वाला ही देश पर राज करेगा।
यह कहना था अखिल भारतीय वैश्य एकता परिषद के राष्ट्रीय अध्यक्ष व सर्व समाज संघर्ष समिति के राष्ट्रीय संयोजक डॉ. सुमन्त गुप्ता का। वह महाराजा अग्रसेन भवन लोहामंडी में अखिल भारतीय वैश्य एकता परिषद के राष्ट्रीय अधिवेशन व सर्व समाज संघर्ष समिति के खुला अधिवेशन में सभा को सम्बोधित कर रहे थे। उन्होंने कहा हमने नोटबंदी और जीएसटी की मार को सहा। नोटबंदी में अधिकारियों और नेताओं के तो नोट बदल गए लेकिन व्यापारियों को 100 के बदले 80 रुपए मिले। जीएसटी से भ्रष्टाचार को चार गुना बढ़ा दिया है। सवाल किया कि छोटे व्यापारियों के ही यहां छापे क्यों पड़ते हैं। कभी अधिकारियों और नेताओं के छापे पड़ने नहीं दिखते। लखनऊ ने विनय तिवारी की पुलिस द्वारा की गई हत्या से उप्र की भ्रष्टाचार से युक्त पुलिस का चेहरा भी साफ हो गया है। मामले में लीपापोती करने वाले एसएसपी के खिलाफ धारा 120 बी के तहत मुकद्मा होना चाहिए। इस अवसर पर शहर के विभिन्न समाजित संगठनों से भाग लेकर सर्व समाज संघर्ष समिति के बैनर तले एससीएसटी एक्ट के खिलाफ लड़ाई लड़ने का आश्वान दिया। संचालन रवि प्रकाश अग्रवाल, विनय अग्रवाल व धन्यवाद ज्ञापन सुरेश चंद्र गर्ग ने दिया।
अब यह स्वरूप एससीएसटी एक्ट का
अखिल भारतीय वैश्य एकता परिषद के राष्ट्रीय प्रधान महासचिव रवि प्रकाश अग्रवाल ने बताया कि जब सुप्रीम कोर्ट में लोगों ने एससीएसटी एक्ट के विरोध में रिट डालने स् स्वष्ट हुआ कि इसमें 70 फीसदी मुकद्मे फर्जी होते हैं। 30 फीसदी मुकद्मों में चार्टशीट दाखिल होती है। इस 30 फीसदी में से फी 25 फीसदी मामले वापस हो जाते हैं। यानि एससीएसटी एक्ट के तहत 95 फीसदी मामले फर्जी होते हैं। इसी आधार पर सुप्रीम कोर्ट ने जांच के गिरफ्तारी और जिला न्यायालय स्तर पर ही अग्रिम जमानत का फैसला दिया। दुर्भाग्यवश 2 अप्रैल को सड़कों प हुई गुंडई के कारण सरकार ने वोटों की खातिर एक्ट में बदलाव को रद्द करते हुए 18 ए व धारा 438 को भी शामिल कर दिया। जिसमें एक्ट के तहत तहरीर को ही एफआईआर माना जाएगा, 6 महीने बाद जमानत की अर्जी व अग्रिम जमानत का अधिकार नहीं होगा। सर्व समाज संघर्ष समिति इसी काले कानून का विरोध कर रही है।