आगरालीक्स.. गोवर्धन महाराज 36 घंटे से भूखे हैं, दानघाटी और मुकुट मुखारविंद मंदिर को सेवायतों ने बंद कर दिया गया है। परिक्रमा मार्ग से अतिक्रमण हटाने के विरोध में 36 घंटे से मंदिर के पट नहीं खोले गए हैं, इससे दूर दराज से आ रहे श्रदृधालुओं को गोवर्धन महाराज के दर्शन किए बिना ही लौटना पड रहा है।
एनजीटी ने गोवर्धन परिक्रमा मार्ग को अतिक्रमण मुक्त करने के सख्त आदेश दिए हैं, इसके बाद से गोवर्धन में परिक्रमा मार्ग से अतिक्रमण हटाया जा रहा है। गोवर्धन के मुख्य दानघाटी मंदिर के सामने की दुकान और अतिक्रमण को जिला प्रशासन की टीम ने ध्वस्त कर दिया, इसके बाद से गोवर्धन में विरोध शुरू हो गया है। गोवर्धन मंदिर के सेवायतों ने जिला प्रशासन पर आरती स्थल को ध्वस्त करने के आरोप लगाते हुए बुधवार से दानघाटी और मुकुट मुखारविंद मंदिर के पट बंद कर दिए।
भूखे ही रहे गोवर्धन महाराज
गोवर्धन के दानघाटी और मुकुट मुखारविंद मंदिर 36 घंटे से बंद हैं, गोवर्धन महाराज को भूखा ही रहना पडा, हालांकि सेवायत कह रहे हैं कि गिर्राज महाराज का भोग लगाने के लिए मंदिर के पट कुछ मिनट के लिए खोले जाएंगे इसके बाद बंद कर दिए जाएंगे। दानघाटी मंदिर के मैनेजर डालचंद चौधरी का कहना है कि एसडीएम नागेंद्र कुमार के खिलाफ आरती स्थल ध्वस्त करने पर कार्रवाई न किए जाने तक मंदिर के पट नहीं खोले जाएंगे।
मायूस होकर लौट रहे भक्त
गिर्राज महाराज के दर्शन और परिक्रमा लगाने के लिए दूर दराज से हजारों भक्त आते हैं, बुधवार से दोनों मंदिरों के पट बंद हैं। इससे भक्त निराश हैं, उन्हें गिर्राज महाराज के दर्शन के बिना ही लौटना पड रहा है। हालांकि सेवायतों का एक पक्ष मंदिर बंद करने का विरोध भी कर रहा है लेकिन अभी मंदिर बंद हैं।