आगरालीक्स…….. काश! शिक्षकों का निलंबन बच्चों को न पढाने और देर से स्कूल पहुंचने पर भी होता तो 30 से 45 हजार रुपये प्रतिमाह वेतन ले रहे शिक्षक सुबह सात बजे के स्कूल के समय से पहले ही पहुंच जाते, उनके बीच कम्पटीशन भी रहती कि हमारे स्कूल के बच्चे पढाई में अव्वल हैं। मगर सरकार निलंबन पढाई के लिए नहीं, पिछडी जाति जनसंख्या रैपिड सर्वे में दिलचस्पी न दिखाने पर कर रही है। यही नहीं, अब शिक्षक जुगाड लगाएंगे, शिक्षा अधिकारी उन्हें तरीका बताएंगे कि किस तरह निलंबन खत्म होगा, इसके लिए पैसे तो खर्च करने होंगे, इसके बाद भी शिक्षक बच्चों को पढाने में दिलचस्पी दिखाएंगे, मुश्किल है।
वैसे आगरा में प्राथमिक स्कूल के शिक्षकों पर डीएम पंकज कुमार के निर्देश पर बीएसए ओउमकार सिंह ने बडी कार्रवाई की है। पंचायत चुनाव के लिए पिछडी जाति जनसंख्या अवधारण के लिए रैपिड सर्वे कराया जाना है। इसके लिए प्राथमिक स्कूल के शिक्षकों को 12 से 14 जून तक प्रशिक्षण और किट दी जानी थी। इसमें 46 शिक्षक अनुपस्थित रहे हैं, इन सभी को निलंबित कर दिया गया है। इन्हें स्कूल से संबंध करते हुए जांच खंड शिक्षा अधिकारी को सौंपी गई है।

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