आगरालीक्स.. आगरा के हार्टिकल्चर क्लब द्वारा गोष्ठी आयोजित की गई, धरती पर हमारे जीवन का प्रमुख आधार प्रकृति और पर्यावरण दोनों संकट की स्थिति से गुजर रहे हैं। अभी हम में से कुछेक लोग ही इस भयानक संकट को समझ पा रहे हैं, लेकिन जरूरत है कि हरेक इसे समझे और प्रकृति एवं पर्यावरण की रक्षा में जुट जाए। यह विचार शहर में उन महिलाओं के हैं जो लम्बे समय से शहर को हरा-भरा बनाने की मुहिम में जुटी हैं।
हाॅर्टिकल्चर क्लब द्वारा बुधवार को नेहरू नगर पार्क में प्रकृति एवं पर्यावरण रक्षा को समर्पित कार्यक्रम आयोजित किया गया। इसमें क्लब की सदस्याओं ने एक-दूसरे के साथ बीजों का आदान प्रदान किया। यह ऐसे बीज थे जिनको संरक्षित रखने से भविष्य में दुर्लभ प्रजाति के पेड़-पौधे भी सहजता से रोपे जा सकते हैं। इसके अलावा नेहरू नगर पार्क में एक कंपोस्टर भी लगाया गया, जिससे पार्क में एकत्रित होने वाले कचरे का इस्तेमाल कर उनसे देशी खाद्य भी बनाई जा सके। मुख्य अतिथि डीआईजी लव कुमार कीं धर्मपत्नी शक्ति सिंह जी ने कहा कि प्रकृति का रखरखाव हम सभी की जिम्मेदारी है। उन्होंने विभिन्न प्रजाति के बीजों और पौधों के संरक्षण पर जानकारी दी। विशिष्ट अतिथि समाजसेवी बबिता चौहान ने कहा कि पेड़-पौधे धरती पर हमारे जीवन का आधार हैं। हम सभी को प्रकृति एवं पर्यावरण को न सिर्फ अपने लिए बल्कि हमारी आने वाली पीढ़ी के लिए बचाना है। समाजसेवी एवं प्रकृति प्रेमी डॉ सरोज प्रशांत ने कहा कि पौधों के लिए पोषण की जरूरत को समझने के लिए बीज, पौधों, खेती और फसलों को समझना भी जरूरी है। यह समझने के लिए क्लब द्वारा किए जा रहे प्रयास सराहनीय हैं। क्लब कीं संस्थापक अध्यक्ष लवली कथूरिया ने बताया कि पेड़-पौधों की विभिन्न प्रजातियों के यह ऐसे बीज हैं जो न सिर्फ हवा को शुद्ध बनाने, आॅक्सीजन उत्सर्जित करने और औषधीय गुणों से युक्त होते हैं बल्कि पार्क और घर के अंदर इन्हें लगाने से गर्मियों के मौसम में शीतलता भी प्रदान करते हैं। संस्थापक अध्यक्ष डेजी गुजराल ने बताया कि आज इस कार्यक्रम में बीजों के साथ ही गर्मियों में ठंडक प्रदान करने वाले पौधों का भी आदान-प्रदान किया गया है। घर के अंदर कमरों, किचिन, गार्डन और टैरिस एरिया में लगाए जाने वाले कुछ खास किस्म के पौधे एक-दूसरे को भेंट करने के साथ ही उद्देश्य बागवानी और फूल-पौधों के प्रेमियों को पौधों और बीजों की तमाम किस्मों व नई तकनीक पर जानकारी देना भी है। क्लब कीं सदस्य अशु मित्तल ने बताया कि पौधों में तमाम ऐसे पौधे भी हैं जो फल देते हैं। साथ ही फूलों के जरिए घर को महकाते हैं।
इस अवसर पर सोनी ग्रोवर, डॉ मनिंदर आहूजा, अंजू दियलानी आदि मौजूद थीं।
विचारों की सुंदरता से महका रहे शहर
क्लब की सदस्याओं ने बताया कि वर्ष 2017-18 में अलग-अलग तरह की गतिविधियों जैसे क्लब होम गार्डन, आॅर्गेनिक किचिन गार्डन, स्कूलों में अवेयरनैस लेक्चर्स, कार्यशालाएं जैसे प्लास्टिक का कम से कम इस्तेमाल आदि को मिलाकर 19 सफल आयोजन किए गए। कोपडिमास और बोनसाई पर एक विशेष कार्यशाला भी की गईं थीं। क्लब मैंबर्स के दिन की शुरूआत पौधों की देखभाल से होती है। विभिन्न आयोजनों में सभी पौधों का ही आदान-प्रदान करते हैं। आपस में प्रतिस्पर्धा है, तो यह कि किसके पास कितना सुंदर और आॅक्सीजन उत्सर्जित करने वाला पौधा है। शहर को कितना अधिक सुंदर बनाया जा सकता है।