आगरालीक्स.. आगरा में मां और दो बेटियों की बाथरुम में मौत के मामले में हत्या का मुकदमा दर्ज होने के बाद एक और नया मोड, मौत का कारण लगभग स्पष्ट हो गया है। तीनों की मौत गैस गीजर के कारण बाथरूम में बनी कार्बन मोनो आक्साइड से दम घुटने से हुई थी। आगरा की विधि विज्ञान प्रयोगशाला में तीनों के विसरा की जांच में किसी तरह का जहर नहीं मिला है, इससे यह माना जा रहा है कि बाथरूम में आक्सीजन की मात्रा कम होने और कार्बन मोनो आक्साइड की मात्रा बढने से तीन मौतें हुई हैं।
शाहगंज के पांडव नगर निवासी कपड़ा कारोबारी रोहित धूपर के घर में 24 फरवरी को दिल दहला देने वाली घटना हुई। उनकी पत्नी 38 वर्षीय ऋतु, बेटी छह वर्षीय सचिका और तीन वर्षीय कायरा के शव बाथरूम में नहाने की स्थिति में पड़े थे। प्रथम दृष्टया पुलिस इसे गैस गीजर से निकली जहरीली गैस से मौत का मामला मान रही थी। मगर, पोस्टमार्टम रिपोर्ट से स्थिति स्पष्ट नहीं हुई। इसके बाद परिजनों का भी शक बढ़ता गया। ऋतु के भाई करहल निवासी डॉ. अनुज छावड़ा ने शाहगंज थाने में हत्या का मुकदमा दर्ज कराया है। इसमें उन्होंने कहा है कि बहन और भांजियों के शव घर में पड़े मिले थे। यह न तो हादसा लग रहा है और न ही खुदकशी। उन्होंने हत्या की आशंका जताई है।
विसरा रिपोर्ट में नहीं मिला जहर
मां और दो बेटियों के विसरा को जांच के लिए विधि विज्ञान प्रयोगशाला भेजा गया, मीडिया में सूत्रों के हवाले से दी गई रिपोर्ट में कहा गया है कि तीनों के विसरा में जहर नहीं मिला है। इससे यह माना जा रहा है कि तीनों की मौत दम घुटने से हुई है, हालांकि पुलिस अपनी जांच पडताल जारी रखेगी।