आगरालीक्स.. आगरा में आनलाइन ठगी का नया तरीका सामने आया है, आप भी सतर्क हो जाएं, एक कारोबारी के मोबाइल की सिम बंद होने के बाद 75 रुपये मनी ट्रांसफर कराने के लिए कहा, वे मनी ट्रांसफर कराने गए। उनके मोबाइल से 25 हजार रुपये मनी ट्रांसफर करा दिए गए। कारोबारी की शिकायत पर जांच चल रही है।

आगरा की रामनगर कॉलोनी हरीपर्वत निवासी सूर्य नारायन अग्रवाल का किनारी बाजार में चांदी का काम है, रविवार शाम पौने छह बजे उनके मोबाइल पर कॉल आई, कॉल करने वाले ने कहा कि आपने आईडी प्रूफ नहीं लगाया है इसलिए सिम बंद होने वाला है। कॉल करने वाले ने उनका दूसरा नंबर भी ले लिया। कुछ देर बाद ही उनका पहला सिम बंद हो गया।
75 रुपये ट्रांसफर कराने के लिए कहा और 25 हजार करा लिए एउनके दूसरे नंबर पर उसी व्यक्ति का फोन आया और बंद सिम को चालू कराने के लिए 75 रुपये मनी ट्रांसफर करने के लिए कहा, वे खंदारी स्थित एक दुकान पर आए, इस दुकान पर मनी ट्रांसफर की सुविधा थी, उस व्यक्ति का दोबारा फोन आया और मनी ट्रांसफर करने वाले से बात कराने के लिए कहा। उसने दुकानदार से बात की और 25 हजार रुपये ट्रांसफर करा लिए। कॉल डिसकनेक्ट हो गई, दुकानदार ने 25 हजार रुपये मांगे, इस पर कारोबारी सूर्य नरायन के होश उड गए, उन्होंने अपने बेटे नितिन को बुला लिया, दुकानदार को 21 हजार रुपये दिए, इस मामले की शिकायत पुलिस से की गई है।

आनलाइन कमाई का लालच देकर 59 हजार ठगे
घर बैठे ऑनलाइन कमाई का लालच सदर क्षेत्र के युवक को महंगा पड़ गया। कमाई की जगह 59 हजार से अधिक रुपये जेब से देने पड़े। कथित कंपनी उसे मुकदमे का डर दिखाकर 29 हजार रुपये और मांग रही है। पीड़ित ने सोमवार को एसएसपी के यहां शिकायत की।
सदर के सुल्तानपुरा क्षेत्र निवासी गौरव कुमार के अनुसार पिछले महीने उनको महाराष्ट्र के औरंगाबाद की एक कंपनी का ईमेल मिला। कंपनी ने उनको घर बैठे ऑनलाइन आवेदन फार्म भरकर कमाई करने की कहा। उन्हें बताया कि एक हजार फार्म भरने पर उन्हें 20 रुपये मिलेंगे। इसके साथ ही कंपनी ने शर्त रखी कि 100 से ज्यादा फार्म गलत भरे पाए जाने पर 5200 रुपये जुर्माना देना पड़ेगा। उन्होंने कंपनी की शर्त के मुताबिक काम करना शुरू कर दिया।
गौरव के अनुसार एक हजार फार्म सही भरने के बावजूद कंपनी ने बताया कि वह गलत भरे गए हैं। इसके बाद मुकदमा दर्ज कराने का डर दिखाकर उससे जुर्माने के नाम पर किस्तों में अब तक 59 हजार 490 रुपये वसूल लिए। कंपनी अब अनापत्ति प्रमाण देने के नाम पर 29 हजार रुपये और मांग रही है। गौरव को आशंका है कि कंपनी की आड़ में साइबर शातिर नए तरीके से ब्लैकमेलिंग कर रहे हैं। उसने सोमवार को एसएसपी से शिकायत की, उन्होंने साइबर सेल को मामले की जांच सौंपी है।