आगरालीक्स.. आगरा से पूर्व कैबिनेट मंत्री सुषमा स्वराज ने वंदेमातरम स्कीम लांच की थी, इससे मां और शिशु म्रत्यु दर में कमी आईं। अपनी पहली मुलाकात को याद करते हुए वरिष्ठ स्त्री रोग विशेषज्ञ डॉ जयदीप मल्होत्रा और डॉ नरेंद्र मल्होत्रा ने बड़े दुखी मन से कहा कि इसे स्वीकार करना मुश्किल है कि वे अब हमारे बीच नहीं हैं। यह एक साहस गाथा का अंत है। उन्होंने कहा कि दिसम्बर 2003 में सुषमा स्वराज से उनकी पहली मुलाकात फ्लाइट में हुई थी। वे उस समय स्वास्थ्य मंत्री थीं, वे उस समय चेन्नई में एक सभा को सम्बोधित करके वापस जा रहीं थीं। डॉ दम्पति जहां वे बैठी थीं वहां पहुंचे और डॉक्टरों के सम्मेलन एआईसीओजी में बतौर मुख्य अतिथि आने का आग्रह किया। डॉ दम्पति के इस प्रस्ताव को स्वीकार कर लिया। 6 जनवरी 2004 को उन्होंने आगरा में एआईसीओजी के मंच से ‘वन्दे मातरम’ स्कीम लांच की, जिसमें डॉक्टरों से हर माह की 9 तारीख को गर्भवती महिलाओं को निशुल्क परामर्श का आह्वान किया। आगरा के आधे डॉक्टर अभी भी इस योजना को क्रियान्वित कर रहे हैं। रेनबो हॉस्पिटल एवं मल्होत्रा नर्सिंग एन्ड मैटरनिटी होम में भी हर माह की 9 तारीख को गर्भवती महिलाओं को निशुल्क परामर्श दिया जाता है। भाजपा के केंद्र में आने पर ‘प्रधानमंत्री सुरक्षित मातृत्व योजना’ के अंतर्गत यह योजना पुनः जीवंत हुई।

वर्ष 2004 के बाद सुषमा जी से मुलाकातों का यह सिलसिला निरन्तर चलता रहा। आज हमारे लिए यकीन कर पाना मुश्किल हो रहा है एक ऐसी वीर नारी को हमने खो दिया है जो करोड़ों लोगों की प्रेरणा स्त्रोत थीं। एक शानदार प्रशासक के रूप में उन्होंने जिस मंत्रालय को भी सम्भाला उसमें ऊंचे मापदण्ड स्थापित किए।