आगरालीक्स ,,आगरा में धारा 144 लागू होने के बाद भी एबीवीपी ने शहीद स्मारक पर नागरिकता संशोधन कानून के समर्थन में किया प्रदर्शन, सवाल पूछने पर कहा कि यह पूर्व निधारित कार्यक्रम था, कार्यकर्ता शहीद स्मारक पर आ गए और कैग का समर्थन किया।
आगरा में भी छात्र संगठन केएए को लेकर प्रदर्शन कर रहे हैं। मंगलवार को सपा छात्र सभा ने विवि में प्रदर्शन का ऐलान किया। शाम को एबीवीपी के कार्यकर्ताओं ने शहीद स्मारक पर प्रदर्शन किया। केएए का समर्थन किया।
नागरिकता संशोधन कानून
भारत में अवैध रूप से बांग्लादेश, पाकिस्तान और अफगानिस्तान से आने वाले हिंदू, सिख, बौद्ध, जैन, पारसी और ईसाई समुदाय के लोगों को नागरिकता का प्रस्ताव करता है।
इसमें मुस्लिम शामिल नहीं हैं, नागरिकता संशोधन कानून 1955 के अनुसार, एक अवैध अप्रवासी नागरिक को भारत की नागरिकता नहीं मिल सकती है। अवैध अप्रवासी का अर्थ उस व्यक्ति से है जो भारत में या तो वैध दस्तावेजों के बिना दाखिल हुआ है अथवा निर्धारित समय से अधिक भारत में रह रहा है। सरकार ने 2015 में इन तीन देशों के गैर मुस्लिम शरणार्थियों को भारत में आने देने के लिए पासपोर्ट और विदेशी एक्ट में संशोधन किया था। यदि उनके पास वैध दस्तावेज नहीं हैं तो भी वह भारत में आ सकते है।
सरकार का है कहना
1947 में भारत और पाकिस्तान के धार्मिक आधार पर विभाजन का तर्क देते हुए सरकार ने कहा कि अविभाजित भारत में रहने वाले लाखों लोग भिन्न मतों को मानते हुए 1947 से पाकिस्तान और बांग्लादेश में रह रहे थे। विधेयक में कहा गया है कि पाकिस्तान, बांग्लादेश और अफगानिस्तान का संविधान उन्हें विशिष्ट धार्मिक राज्य बनाता है। इन देशों में हिंदू, सिख, बौद्ध, पारसी, जैन और ईसाई समुदायों के बहुत से लोग धार्मिक आधार पर उत्पीड़न झेलते हैं।